सीतापुर: राशन कम देने और अभद्रता का आरोप, कोटेदार के खिलाफ मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत


सहायक ब्यूरो चीफ सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर ✍️

सकरन/सीतापुर। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सस्ते दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत कम्हरिया कटेसर की एक पात्र गृहस्थी कार्डधारक महिला ने गांव के कोटेदार पर निर्धारित मात्रा से कम राशन देने और विरोध करने पर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और आरोप सही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

कम राशन देने पर विरोध किया तो अभद्रता का आरोप

मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत के अनुसार, ग्राम कम्हरिया कटेसर निवासी शिवरानी पत्नी छंगा लाल पात्र गृहस्थी राशन कार्ड संख्या 215442409552 की कार्डधारक हैं। उनका आरोप है कि गांव के कोटेदार भज्जू लाल द्वारा राशन वितरण में मनमानी की जा रही है और पात्र कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न दिया जा रहा है।

शिवरानी का कहना है कि जब उन्होंने कम राशन मिलने पर विरोध जताया, तो उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कोटेदार गरीब महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करते हैं।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

गरीबों के राशन और सम्मान से जुड़ा मामला

सरकारी खाद्यान्न योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाना और उन्हें निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि किसी लाभार्थी को तय मात्रा से कम खाद्यान्न दिया जा रहा है, तो यह गंभीर जांच का विषय है। वहीं, राशन वितरण को लेकर सवाल उठाने वाले लाभार्थियों के साथ कथित अभद्रता की शिकायत भी प्रशासनिक जवाबदेही की मांग करती है।

इस मामले में प्रमुख सवाल यह हैं कि क्या गांव में राशन वितरण की नियमित निगरानी हो रही है? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वितरण व्यवस्था का सत्यापन किया है? और क्या शिकायतकर्ता को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न मिल रहा है?

इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच और मौके पर सत्यापन के बाद ही सामने आ सकेगा।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत, कार्रवाई का इंतजार

शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय जांच कराने, गरीब महिलाओं के सम्मान की रक्षा करने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कोटेदार के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

अब निगाहें संबंधित पूर्ति विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत के आधार पर मौके पर जांच कराई जाती है या नहीं और राशन वितरण की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में राशन मिल रहा है या नहीं? शिकायत की निष्पक्ष जांच और उस पर कार्रवाई से ही सच्चाई सामने आएगी।

सहायक ब्यूरो चीफ सुधीर सिंह कुम्भाणी, सीतापुर ✍️

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