स्टेट हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 1 अक्टूबर 2026। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर विनोबा आश्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके अनुभवों को समझने और समाज में वृद्धजनों की गरिमापूर्ण एवं सक्रिय भूमिका को रेखांकित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठजनों के साथ आत्मीय संवाद किया गया तथा उनके बीच फल वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मेरा युवा भारत, शाहजहांपुर के उपनिदेशक माहे आलम ने वरिष्ठजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके साथ समय बिताया। उन्होंने वरिष्ठजनों के जीवन-अनुभवों, सामाजिक भूमिका और वर्तमान आवश्यकताओं पर संवाद किया।
माहे आलम ने कहा कि वृद्धजन किसी भी समाज की जीवित स्मृति और अनुभव की धरोहर होते हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनेक दशकों में परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वरिष्ठ नागरिकों के पास व्यावहारिक ज्ञान, अनुभव और सामाजिक समझ होती है, जो नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकती है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में पीढ़ियों के बीच संवाद की आवश्यकता और बढ़ गई है। युवाओं और वरिष्ठजनों के बीच नियमित संवाद से युवाओं को जीवन के व्यावहारिक अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है, वहीं वरिष्ठजनों को सामाजिक सहभागिता और अपनत्व का अनुभव होता है।
कार्यक्रम में पूर्व जिलाधिकारी आर.के. सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने वरिष्ठजनों से संवाद कर उनके अनुभवों को सुना। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की संवेदनशीलता इस बात से भी दिखाई देती है कि वह अपने वरिष्ठ नागरिकों के साथ कितना सम्मानजनक व्यवहार करता है। वरिष्ठ नागरिक समाज के सामूहिक अनुभव और स्मृति के महत्वपूर्ण वाहक हैं।
रमेश भैया ने कहा कि वृद्धजनों की सेवा केवल उनकी भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सम्मान, अपनापन, संवाद और सामाजिक जुड़ाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। वरिष्ठ व्यक्ति के साथ बैठकर उसकी बात सुनना और उसके अनुभवों को महत्व देना भी सेवा का महत्वपूर्ण रूप है।
वहीं श्रीमती विमला बहन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में कई दशकों का अनुभव, संघर्ष और सामाजिक योगदान समाहित होता है। विशेष रूप से वरिष्ठ महिलाओं के अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण सीख का स्रोत हैं। उन्होंने वरिष्ठजनों को ज्ञान, अनुभव और जीवन-मूल्यों के स्रोत के रूप में देखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठजनों के बीच फल वितरित किए गए। उपस्थित लोगों ने उनके साथ बैठकर बातचीत की और उनके जीवन से जुड़े अनुभव एवं विचार सुने।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि युवा ऊर्जा और वरिष्ठ अनुभव का समन्वय समाज को अधिक मजबूत और संवेदनशील बना सकता है। युवाओं की नई सोच और ऊर्जा के साथ वरिष्ठ पीढ़ी का अनुभव, धैर्य, विवेक और व्यावहारिक ज्ञान समाज के लिए उपयोगी हो सकता है।
मेरा युवा भारत, शाहजहांपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सेवा और सामाजिक सहभागिता के महत्व को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में ऐसी संवेदनशील सोच विकसित करने का संदेश दिया गया, जिसमें प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को सम्मान, अपनत्व और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।
कार्यक्रम के आयोजन में हर्ष पांडे, देवेश कुमार और हिमांशु सक्सेना का विशेष सहयोग रहा।

