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लखनऊ। दीपावली पर पटाखे और आतिशबाजी खुशियों का हिस्सा होते हैं, लेकिन जरा-सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। पटाखे जलाते समय हाथ जलने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में घबराने के बजाय तुरंत सही प्राथमिक उपचार करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि हाथ जल जाने पर क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
हाथ जल जाए तो तुरंत करें ये काम
1. जले हुए हाथ को ठंडे बहते पानी में रखें।
कम से कम 20 मिनट तक सामान्य ठंडे बहते पानी से जले हुए हिस्से को ठंडा करें। बर्फ या बहुत ठंडे पानी का इस्तेमाल न करें।
2. अंगूठी, घड़ी और कड़ा उतार दें।
हाथ में सूजन आने से पहले अंगूठी, घड़ी या अन्य तंग चीजें सावधानी से हटा दें। यदि कोई चीज त्वचा से चिपक गई हो तो उसे जबरन न खींचें।
3. जले हुए हिस्से को ढकें।
साफ, सूखी और न चिपकने वाली पट्टी या साफ कपड़े से जले हुए हिस्से को हल्के से ढकें।
4. छाले न फोड़ें।
जले हुए स्थान पर छाले पड़ जाएं तो उन्हें फोड़ने की गलती न करें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
भूलकर भी न लगाएं ये चीजें
- जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट न लगाएं।
- घी, तेल, मक्खन या हल्दी न लगाएं।
- सीधे बर्फ न लगाएं।
- त्वचा से चिपके कपड़े को जबरन न हटाएं।
- छालों को फोड़ने या जली त्वचा को छीलने की कोशिश न करें।
कब तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है?
यदि पटाखे से हाथ गहराई तक जल गया हो, त्वचा सफेद या काली पड़ गई हो, बड़े छाले बन गए हों, उंगलियां हिलाने में परेशानी हो या जलन हथेली और उंगलियों के बड़े हिस्से में हो तो तुरंत अस्पताल जाएं। बच्चों के हाथ जलने पर विशेष सावधानी बरतें और चिकित्सकीय सलाह लें।
याद रखें, सही समय पर उपचार बचा सकता है हाथ
दीपावली की खुशियां मनाते समय बच्चों को पटाखे हमेशा बड़ों की निगरानी में जलाने दें। सुरक्षित दूरी रखें और आतिशबाजी के दौरान पानी तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पास में रखें।
एक छोटी-सी लापरवाही त्योहार की खुशी को परेशानी में बदल सकती है। सावधानी बरतें और हादसा होने पर सही प्राथमिक उपचार करें।
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