माछरा, मेरठ (सोमवार, 3 फरवरी 2025): ब्लॉक संसाधन केंद्र (बी.आर.सी.) माछरा में पाँच दिवसीय समावेशी शिक्षा (आई.टी.सी.) प्रशिक्षण का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण प्रधानाध्यापक, इंचार्ज अध्यापक और नोडल शिक्षकों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
यह प्रशिक्षण उन बच्चों के लिए शिक्षण विधियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था जो श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित, बौद्धिक क्षमता में कमी या अधिगम अक्षमता (Learning Disabilities) जैसी विशेष चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इसमें नोडल शिक्षकों को यह सिखाया गया कि वे सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) के माध्यम से इन बच्चों को किस प्रकार पढ़ा सकते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को 6F सिद्धांत के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने-लिखाने की रणनीतियों के बारे में बताया गया। इन तकनीकों के माध्यम से ये शिक्षक अब स्कूलों में समावेशी शिक्षा को और प्रभावी तरीके से लागू कर पाएंगे।
इस पाँच दिवसीय कार्यक्रम में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए अनुभवी प्रशिक्षकों की एक टीम मौजूद रही, जिसमें प्रमुख रूप से:
इन प्रशिक्षकों ने समावेशी शिक्षा की नवीनतम तकनीकों और व्यावहारिक अनुभव साझा किए, जिससे प्रतिभागी शिक्षकों को जमीनी स्तर पर इसे लागू करने में सहायता मिलेगी।
पाँच दिवसीय प्रशिक्षण का समापन खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कुसुम सैनी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी प्रशिक्षित शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देना आज की शिक्षा प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरत है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण बच्चों के उज्जवल भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
इस कार्यक्रम में 35 प्रधानाध्यापक और इंचार्ज अध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं:
इनके अलावा, बी.आर.सी. माछरा के स्टाफ सदस्यों— चारू शर्मा, अमरीश शर्मा, मोहम्मद इमरान, चांद मोहम्मद, अनिल कुमार आदि— का भी इस प्रशिक्षण के सफल आयोजन में विशेष योगदान रहा।
इस प्रशिक्षण के बाद, प्रतिभागी शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में समावेशी शिक्षा को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे। यह विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उन्हें शिक्षा के समान अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती कुसुम सैनी ने अपने समापन भाषण में कहा कि शिक्षकों को इस प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों और ज्ञान का प्रभावी रूप से उपयोग करना चाहिए, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके।
बी.आर.सी. माछरा में आयोजित इस पाँच दिवसीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण ने शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों और समावेशी शिक्षा की बारीकियों से अवगत कराया। यह प्रशिक्षण विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा।
यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में "सबको शिक्षा, समान शिक्षा" के सिद्धांत को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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