विशेष संवाददाता लखनऊ
लखनऊ में एक बार फिर पुलिस और प्रशासन की लापरवाही सामने आई है, जहां गर्मी से राहत पाने के चक्कर में युवाओं की जान जोखिम में पड़ रही है। गोमती नदी इन दिनों मनोरंजन स्थल से ज़्यादा जानलेवा ज़ोन बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
मड़ियांव कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत घैला पुल के पास तीन युवकों की डूबने से मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि प्रशासन सबक लेने को तैयार नहीं है। ये तीनों युवक अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने के लिए उतरे थे, लेकिन वह उनका आखिरी स्नान बन गया।
उधर, ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के गऊघाट चौकी अंतर्गत मेहदी घाट के पास कल ही भारी संख्या में युवाओं को नदी में नहाते हुए देखा गया, लेकिन न तो किसी पुलिसकर्मी ने टोका, न ही किसी सुरक्षा उपाय का इंतज़ाम किया गया।
हर साल गर्मियों में इसी तरह की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस की निष्क्रियता स्थिति को और भी भयावह बना देती है। कल ही लापरवाही के चलते कई युवकों की जान चली गई, मगर कोई चेतावनी बोर्ड, कोई निगरानी या रोकथाम नहीं की गई।
तेज़ गर्मी में राहत की चाह में युवाओं का गोमती नदी की ओर रुख करना स्वाभाविक है, मगर जब प्रशासन अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाता, तो यह राहत जानलेवा बन जाती है। ज़रूरत है कि शासन और प्रशासन जल्द से जल्द सख्त कदम उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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