विशेष संवाददाता लखनऊ
उत्तर प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम की सुरक्षा और गोपनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सचिवालय प्रशासन की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कई विभागों में अधिकारी खुद फाइलों का ऑनलाइन निस्तारण नहीं कर रहे, बल्कि अपना गोपनीय पासवर्ड निजी सहायकों और बाबुओं को सौंपकर उनसे काम करा रहे हैं।
- सचिवालय प्रशासन की जांच में हुआ खुलासा
- पासवर्ड साझा करने पर उठे गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के सवाल
- प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
ई-ऑफिस प्रणाली को लागू करने का उद्देश्य कार्य में पारदर्शिता और गति लाना था, लेकिन अब इस प्रणाली का दुरुपयोग सामने आ रहा है। अधिकारियों द्वारा पासवर्ड साझा करने से न सिर्फ गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि इससे साइबर सुरक्षा की गंभीर चूक भी हो सकती है।
सचिवालय प्रशासन ने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए सभी अधिकारियों को पासवर्ड की गोपनीयता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर पासवर्ड साझा करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
ई-ऑफिस जैसे डिजिटल सिस्टम में इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी असर डाल सकती है। सचिवालय प्रशासन अब इस मामले पर नजर बनाए हुए है और सभी विभागों से रिपोर्ट भी तलब की जा रही है।
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