ब्यूरो रिपोर्ट शशांक मिश्रा
उत्तर प्रदेश एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी मोहान रोड शिवरी,थाना काकोरी क्षेत्र से की गई। आरोपियों के पास से लगभग 5,87,880 एमएल प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुआ है, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी और उनके ठिकाने
एसटीएफ द्वारा पकड़े गए अभियुक्तों में शामिल हैं:
पूछताछ में उजागर हुआ गिरोह का नेटवर्क
एसटीएफ द्वारा की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो लखनऊ और आस-पास के जनपदों में अवैध रूप से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की आपूर्ति करता है। यह लोग बिहार राज्य से हाई डेनिसिटी ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को मिनरल वाटर के नाम पर पार्सल के माध्यम से मंगवाते हैं, जिसे वे अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग साइज के एम्प्यूल में पैक करते हैं और फिर सप्लाई करते हैं।
ऑक्सीटोसिन का खतरनाक इस्तेमाल
यह इंजेक्शन मुख्य रूप से दूध निकालने के लिए पशुओं पर, और सब्जियों व फलों को कृत्रिम रूप से जल्दी पकाने और बड़ा दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह न सिर्फ पशुओं के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
मुख्य सप्लायर की तलाश में एसटीएफ
एसटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। विशेष रूप से बिहार से इस प्रतिबंधित इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले मुख्य स्रोत की जानकारी एकत्र की जा रही है। टीम जल्द ही मुख्य सप्लायर और अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी करेगी।
इस कार्रवाई को एसटीएफ की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इससे एक बड़े और खतरनाक तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो आम जनता और पशु स्वास्थ्य दोनों के लिए एक गंभीर खतरा था।
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