स्टेट ब्यूरो हेड: योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश
शाहजहांपुर। साइबर क्राइम की दुनिया में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए जनपद शाहजहांपुर पुलिस की एसआईटी टीम ने डिजिटल अरेस्ट और फिनटेक फ्रॉड में शामिल एक अभियुक्त को लुधियाना (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में दर्ज ₹1.04 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कार्यवाही की गई।
एसपी शाहजहांपुर के निर्देशन में गठित एसआईटी टीम — जिसमें साइबर क्राइम थाना, एसओजी व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीमें शामिल थीं — ने 28 जुलाई 2025 को लुधियाना से मनीष खुर्मी (31 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर पीड़ित शरदचंद्र को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक साइबर ठगी की तकनीक है जिसमें अपराधी खुद को पुलिस, CBI, या कोर्ट का अधिकारी बताकर व्यक्ति को डराते हैं कि वो किसी अपराध में फंस चुका है और उसे "डिजिटल रूप से गिरफ्तार" किया जा रहा है।
फिर डराकर उससे पैसे ट्रांसफर कराए जाते हैं, या लोन दिलवाकर रकम हड़पी जाती है।
ठग फर्जी लोन ऐप्स, UPI फ्रॉड, फिशिंग लिंक, और QR कोड के जरिए पीड़ित से बैंकिंग डिटेल्स लेकर उसके खाते से धनराशि निकाल लेते हैं। इस मामले में पीड़ित के दो बैंक अकाउंट से ₹1.04 करोड़ की धनराशि निकालकर क्रिप्टो करेंसी के जरिए विदेश ट्रांसफर कर दी गई।
जनपद पुलिस की यह सफलता न केवल साइबर अपराधियों पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि आमजन को इस तरह के जालसाज़ी से सतर्क करने का संदेश भी देती है।
🔹 सावधान रहें – सुरक्षित रहें।
🔹 साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
लखनऊ
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