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सीएचसी बिसवां का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, समाधान दिवस में फरियादियों का लगा हुजूम

 

ब्यूरो रिपोर्ट – शरद बाजपेई

सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, भर्ती वार्ड, महिला वार्ड, लेबर रूम, एनआरसी, पैथोलॉजी, आयुष्मान वार्ड, औषधि कक्ष, एनबीएसयू और ओटी कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप क्षेत्र की जनता को हर हाल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने अस्पताल में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी चिकित्सक को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं है। बेडशीट की नियमित बदलाव, निर्धारित यूनिफॉर्म में रहने, डिलीवरी रजिस्टर में सटीक विवरण दर्ज करने और डिस्चार्ज के समय जन्म प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों से सीधा संवाद कर अस्पताल की सेवाओं पर फीडबैक लिया। उन्होंने रिफर रजिस्टर की जांच की और रिफर किए गए मरीजों से फोन पर बात कर जानकारी जुटाई। उन्होंने कहा कि भर्ती मरीजों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

निरीक्षण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार और प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अमित कपूर सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।

समाधान दिवस में उमड़ा फरियादियों का सैलाब
जिलाधिकारी के कठोर निर्देशों के बावजूद तहसील बिसवां प्रशासन की कार्यशैली समाधान दिवस में उजागर होती दिखी। सुबह से शाम चार बजे तक जिलाधिकारी ने लगातार फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल निस्तारण के आदेश दिए।

समाधान दिवस में कुल 119 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें प्रमुख मुद्दे रहे—राधे इंफोटेक की स्ट्रीट लाइट और अन्य बिलों का भुगतान, ग्राम पंचायत अज्जेपुर में फर्जी परिवार रजिस्टर नकल, कल्याणपुर में नाली निर्माण बिना भुगतान, सांडा स्थित आर्यवर्त ग्रामीण बैंक में खाताधारक के धन निकासी विवाद तथा रामपुरकला थाने में विवाहिता हत्याकांड में शिथिलता।

फरियादियों की भारी भीड़ ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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