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102 एंबुलेंस बनी जीवनरक्षक, लखनऊ में एंबुलेंस के भीतर कराई गई सुरक्षित डिलीवरी


 ब्यूरो रिपोर्ट दर्शन गुप्ता ✍🏻 

लखनऊ।

102 एंबुलेंस सेवा ने एक बार फिर अपनी तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए चलते वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराकर माँ और नवजात शिशु की जान बचाई। यह सराहनीय घटना बलरामपुर अस्पताल से संबद्ध 102 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी है।

जानकारी के अनुसार 102 एंबुलेंस वाहन संख्या UP32 EG 7016 को सोर्रैया गांव से प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए आपातकालीन कॉल प्राप्त हुआ। सूचना मिलते ही एंबुलेंस पायलट मनोज कुमार ने बिना समय गंवाए गांव पहुंचकर गर्भवती महिला मंजू देवी को एंबुलेंस में सुरक्षित शिफ्ट किया।

एंबुलेंस में तैनात ईएमटी सूर्य प्रकाश तिवारी द्वारा प्रारंभिक जांच की गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईएमटी ने तत्काल ईआरसीपी डॉक्टर से संपर्क किया। परामर्श के दौरान डॉ. रस्तोगी द्वारा एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराने की सलाह दी गई।

डॉक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए ईएमटी सूर्य प्रकाश तिवारी ने सभी चिकित्सकीय प्रोटोकॉल अपनाकर एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। नवजात शिशु की तुरंत देखभाल करते हुए आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं भी पूरी की गईं। समय पर की गई इस कार्रवाई से माँ और नवजात दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

घटना के बाद मरीज के परिजनों ने 102 एंबुलेंस सेवा, ईएमटी सूर्य प्रकाश तिवारी एवं पायलट मनोज कुमार की तत्परता, सूझबूझ और समर्पण की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे सच्ची जीवनदायिनी सेवा बताया।

यह घटना आपातकालीन परिस्थितियों में 102 एंबुलेंस सेवा की प्रभावशीलता, प्रशिक्षित स्टाफ की दक्षता और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में उसकी अहम भूमिका को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

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