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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026: नोटिस की सुनवाई में मतदाताओं को बड़ी राहत व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट, ऑनलाइन जवाब की भी सुविधा


स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻 

लखनऊ, 23 जनवरी 2026।
प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद जिन मतदाताओं की मैपिंग पूर्व की विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है, उन्हें क्रमबद्ध रूप से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस संबंध में प्रदेशभर के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नोटिसों पर सुनवाई की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य “कोई मतदाता न छूटे” के अनुरूप सुनवाई प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समावेशी बनाया गया है। इसके तहत उन मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है, जो किसी कारणवश व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकते। ऐसे मतदाता लिखित रूप में हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लगाकर किसी प्रतिनिधि को अपनी ओर से सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन कर नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा ऑनलाइन ही नोटिस का जवाब देने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा बीएलओ के माध्यम से भी मतदाताओं को नोटिस प्रदान किए जा रहे हैं।

ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत SIR 2026 सेक्शन में Submit Documents Against Notice Issue विकल्प पर जाकर वोटर आईडी नंबर दर्ज करने से यह जानकारी मिल सकेगी कि नोटिस जारी हुआ है या नहीं। नोटिस जारी होने की स्थिति में मतदाता निर्धारित दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता निर्धारित की गई है।

  • 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे मतदाताओं को केवल अपने अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
  • 01 जुलाई 1987 के बाद एवं 02 दिसंबर 2004 के मध्य जन्मे मतदाताओं को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे।
  • 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाताओं को स्वयं तथा माता-पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।

नोटिस के जवाब में मतदाता 13 निर्धारित अभिलेखों में से किसी एक को जन्म तिथि अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर, आधार से संबंधित अभिलेख आदि शामिल हैं।



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