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सकरन (सीतापुर) | भाकियू का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी, निराश्रित गोवंशों व गौशालाओं की जांच की मांग पर अड़े किसान

 

ब्यूरो रिपोर्ट – पप्पू कुमार चौहान

सकरन (सीतापुर)। निराश्रित गोवंशों को पकड़े जाने और गौशालाओं में हो रही गोवंशों की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का आमरण अनशन दूसरे दिन भी लगातार जारी रहा। किसानों के इस आंदोलन को भाकियू (जनमंच) का भी समर्थन मिल गया है, जिससे आंदोलन और अधिक मजबूत होता नजर आ रहा है।

विकास खंड सकरन की ग्राम पंचायत सांडा के मजरा गोपालापुर निवासी भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष सुशील कुमार राज सोमवार से ब्लॉक परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को उनके समर्थन में भाकियू (जनमंच) के जिलाध्यक्ष राम शंकर सिंह ने भी अपने कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा। इस दौरान भारी संख्या में किसान और यूनियन कार्यकर्ता अनशन स्थल पर मौजूद रहे, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिखाई दिया।

किसानों का कहना है कि निराश्रित गोवंशों के मामले में गलत आख्या लगाने वाले पंचायत सचिव के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही ग्राम पंचायत बगहाढाक में 50 से अधिक गोवंशों की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक ब्लॉक सकरन की सभी गौशालाओं की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती, तब तक आमरण अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।

अनशन स्थल पर मौजूद किसानों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गौशालाओं में गोवंशों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

इस मौके पर प्रमोद वर्मा, राममिलन यादव, लवकुश राज, सूरज कुमार, तालुकराम, रेशू भार्गव, मंजू देवी, केसरजहां, मीरा देवी सहित बड़ी संख्या में किसान व कार्यकर्ता मौजूद रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

वहीं दूसरी ओर खंड विकास अधिकारी श्रीश कुमार गुप्ता ने बताया कि निराश्रित गोवंशों को पकड़ने तथा गौशालाओं में मरे गोवंशों की जांच के लिए दो टीमों का गठन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन जांच को किस स्तर तक गंभीरता से लेता है और क्या किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई की जाती है या फिर आंदोलन और तेज होता है।

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