स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव ✍🏻
शाहजहाँपुर | 31 जनवरी 2026
जनपद में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के उद्देश्य से पेस संस्थान द्वारा बाल विवाह मुक्ति पहल के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक कार्यालय शाहजहाँपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर द्वारा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाल विवाह न केवल एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। बाल विवाह से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है तथा समाज की समग्र उन्नति भी प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना अथवा उसे बढ़ावा देना अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह से संबंधित कोई सूचना प्राप्त हो तो उसे तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को अवगत कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने बाल विवाह मुक्ति हेतु तैयार जागरूकता पोस्टर पर हस्ताक्षर कर उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, बाल अधिकारों एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूक किया। साथ ही समाज के सभी वर्गों से बाल विवाह उन्मूलन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
अंत में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण हेतु पुलिस प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाओं को पूर्ण सहयोग दिया जाना आवश्यक है।


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