शाहजहाँपुर।
स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय, शाहजहाँपुर के वाणिज्य विभाग में संचालित प्रबंधकीय विकास कार्यक्रम के दूसरे दिन युवाओं को नेतृत्व एवं आत्म-जागरूकता से जुड़ा महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यक्रम में महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के क्षेत्रीय अर्थशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रुचि द्विवेदी ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की।
डॉ. रुचि द्विवेदी ने “नेता के रूप में स्वयं को समझना” विषय पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोज़गार सृजनकर्ता बनने की क्षमता रखता है। इसके लिए आवश्यक है कि वह अपनी क्षमताओं, रुचियों और सीमाओं की पहचान करे। उन्होंने आत्म-जागरूकता को प्रभावी नेतृत्व की नींव बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपनी सोच, भावनाओं और व्यवहार को समझता है, वही बेहतर निर्णय ले सकता है।
उन्होंने कहा कि एक सफल उद्यमी केवल व्यवसाय संचालित करने वाला नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक नेता होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर आगे बढ़ता है। आत्म-जागरूकता से सहानुभूति, धैर्य और सुनने की क्षमता का विकास होता है, जो किसी भी स्टार्टअप या उद्यम की सफलता के लिए आवश्यक है।
डॉ. द्विवेदी ने आत्मविश्वास और अति-आत्मविश्वास के अंतर को स्पष्ट करते हुए युवाओं को सतर्क रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास व्यक्ति को नई चुनौतियाँ स्वीकार करने की शक्ति देता है, जबकि अति-आत्मविश्वास निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकता है। एक सच्चा नेता अपनी टीम की बात सुनता है, गलतियों से सीखता है और निरंतर आत्मविकास की दिशा में कार्य करता है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में वाणिज्य विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर बृज लाली चौबे द्वारा डॉ. रुचि द्विवेदी का पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
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