स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻
शाहजहाँपुर, 13 मार्च 2026।
प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना देश में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक व्यापक डिजिटल मास्टर प्लान योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई यह योजना व्यापकता, प्राथमिकता, अनुकूलन, समन्वय, विश्लेषणात्मक और गतिशील सिद्धांतों पर आधारित है। इसके तहत विभिन्न मंत्रालयों जैसे रेल और सड़क सहित कई विभागों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है, जिससे परियोजनाओं का कार्य समन्वित ढंग से किया जा सके।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य लॉजिस्टिक लागत को कम करना, आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। योजना के माध्यम से देश में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिली है।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को अवस्थापना विकास और परियोजना क्रियान्वयन के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में अपनाया गया है। प्रथम चरण में राज्य सरकार द्वारा 29 अनिवार्य डेटा लेयर्स में से 24 को पूरी तरह समेकित और प्रमाणित कर लिया गया है, जिससे उनकी सटीकता और प्रामाणिकता सुनिश्चित हो सकी है। शेष पांच लेयर्स को भी सम्मिलित कर लगभग पूर्ण अनुपालन प्राप्त कर लिया गया है।
द्वितीय चरण में उत्तर प्रदेश में गति शक्ति पोर्टल पर लगभग 56 अतिरिक्त डेटा लेयर्स को जोड़ा गया है, जिनके अद्यतन और प्रमाणन की प्रक्रिया जारी है। इस व्यापक समाकलन के चलते उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री गतिशक्ति फ्रेमवर्क के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
बेहतर योजना और क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में जनपद स्तर पर भी एक विशेष फ्रेमवर्क स्थापित किया गया है। इसके तहत प्रदेश में 2000 से अधिक अधिकारियों को प्रधानमंत्री गतिशक्ति टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और परियोजना नियोजन तथा निगरानी के लिए 26 से अधिक एप्लिकेशन विकसित किए गए हैं।
इन टूल्स की सहायता से प्रदेश में कई महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाओं जैसे एक्सप्रेसवे और मेट्रो विस्तार को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इसके अलावा इस फ्रेमवर्क का उपयोग उन क्षेत्रों की पहचान करने में भी किया जा रहा है, जहां नए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की आवश्यकता है। साथ ही कृषि उत्पादों के लिए नए क्रय केंद्र स्थापित करने, आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल के तहत स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार जैसी योजनाओं में भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
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