मेरठ। उत्तर प्रदेश शासन की राष्ट्रीय सांख्यिकीय नीति, कलेक्ट्रेट नागरिक डेटाबेस सुरक्षा चार्टर तथा जिला प्रशासन के कड़े सुशासनात्मक निर्देशों के अनुपालन में जनपद मेरठ के माछरा अंचल में राष्ट्रीय महत्व का एक बड़ा विलेख कार्य सकुशल संपन्न हो गया है। तपतपाती और रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी की विसंगतियों को धता बताते हुए विकास खंड माछरा की ग्राम पंचायत बहरोड़ा में तैनात प्रगणकों ने अटूट निष्ठा का परिचय देते हुए मंगलवार दिनांक २ जून २०२६ को समूचा जनगणना कार्य पूरी जिम्मेदारी के साथ सफलतापूर्वक पूर्ण कर कलेक्ट्रेट नोडल पटल पर लॉक कर दिया है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) **श्रीमती नूपुर गोयल** एवं जिला पंचायत राज अधिकारी (**DPRO**) **श्री वीरेन्द्र सिंह** के कुशल मार्ग निर्देशन तथा माछरा खण्ड शिक्षा अधिकारी **श्री अजय कुमार** व जनगणना सुपरवाइजर **श्री नवीन गौतम** के कड़े नोडल नेतृत्व में प्रगणकों ने इस विलेखीय दायित्व का निर्वहन किया।
📌 आंकड़ों के परे जिंदगियों का सच दिखाने वाली ड्यूटी; प्रगणकों ने सांझा किए भावुक जमीनी अनुभव:
प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक विवरण के अनुसार, ग्राम पंचायत बहरोड़ा के प्रगणक **तशरीफ़ अली** (शिक्षामित्र) व **जावेद अली** ने ग्राउंड जीरो की प्रविष्टियों को डिजिटल पटल पर दर्ज करने के बाद अत्यंत मार्मिक अनुभव साझा किए। प्रगणकों ने भावुक विलेख में बताया कि जनगणना की यह शासकीय ड्यूटी सिर्फ नीरस आंकड़े जुटाना नहीं था, बल्कि ग्रामीण अंचल के नागरिकों की वास्तविक जिंदगी और उनकी खामोश तकलीफों से सीधे रूबरू होने का एक अभूतपूर्व मानवीय माध्यम साबित हुआ। इस अभियान के दौरान समाज की बारीक आंतरिक प्रविष्टियां पूरी शुचिता के साथ परिलक्षित हुईं।
| 📊 शासकीय नोडल कमान एवं भौगोलिक प्रभाग विलेख | ⚙️ फील्ड प्रगणक दस्ता एवं जमीनी समावेशन क्लॉज |
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• शीर्ष कलेक्ट्रेट मार्गदर्शक: मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती नूपुर गोयल व डीपीआरओ श्री वीरेन्द्र सिंह। • अंचल व ब्लॉक नोड: ब्लॉक ९८९, ग्राम पंचायत बहरोड़ा, माछरा, जनपद मेरठ (उ.प्र.)। • विलेख पूर्णता तिथि: मंगलवार, दिनांक ०२ जून, २०२६ को डेटा कस्टडी में लॉक। |
• तैनात प्रगणक सिंडिकेट: श्री तशरीफ़ अली (शिक्षामित्र/प्रगणक) एवं श्री जावेद अली। • सुपरवाइजरी नेतृत्व: खण्ड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार व जनगणना सुपरवाइजर नवीन गौतम। • सांख्यिकीय ध्येय: प्रत्येक परिवार की आर्थिक, सामाजिक व इंफ्रास्ट्रक्चर विसंगतियों का पारदर्शी नोडल अंकन। |
घर-घर जाकर विलेख प्रविष्टियां दर्ज करने के दौरान प्रगणकों को ग्रामीण भारत की विविध विसंगतियां और सकारात्मक पहलू दोनों एक साथ देखने को मिले। सर्वे के दौरान कहीं टूटी छतें मिलीं, तो कहीं अधूरे चूल्हे दिखाई दिए। कुछ घरों में वयोवृद्ध माता-पिता अपने बच्चों से अलग एकाकी और मजबूरी का जीवन-यापन करते पाए गए, जिनके आशियानों में बुनियादी लाइट (विद्युत) व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं थी, तो कई विलेखों में परिवारों के पास निजी स्नानघर तक न होने की विसंगति दर्ज हुई। परंतु इन अभावों के विपरीत, कई झोपड़ियों में छोटी सी मुस्कान के पीछे पलते बड़े सपने भी दिखाई दिए। कुछ घरों में भौतिक सामान भले ही कम था, लेकिन उनका अपनापन, सत्कार और संस्कार वास्तव में बहुत प्रगाढ़ पाया गया।
"यदि मुझे शासन द्वारा प्रगणक बनकर बहरोड़ा ग्राम समाज में इस राष्ट्रीय कार्य को करने का विलेखीय अवसर न मिला होता, तो शायद मैं कभी देश की इस बुनियादी व खामोश सच्चाई से इतनी बारीकी से रूबरू नहीं हो पाता। मासूम बच्चों की निश्छल मुस्कान देखकर यह कड़ा बोध होता है कि गरीबी सिर्फ हालातों की विसंगति है, इंसानी दिलों की नहीं। कलेक्ट्रेट के डिजिटल फार्मों को भरते-भरते यह सुस्पष्ट समझ आ गया है कि हमारा महान भारत सिर्फ भौगोलिक नक्शे की लकीरों में नहीं बसता, बल्कि वह देहाती अंचलों के नागरिकों के अथक संघर्ष, अदम्य जीवटता और उनकी पावन मुस्कान के भीतर धड़कता है।" — प्रगणक/शिक्षामित्र, श्री तशरीफ़ अली
मेरठ मुख्य विकास भवन संभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय प्रभाग, माछरा ब्लॉक मुख्यालय ग्रिड, बहरोड़ा ग्राम पंचायत अंचल, किठौर व गढ़मुक्तेश्वर संपर्क मार्ग सर्किल, विकास भवन जनसुनवाई पटल और जिला कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, विभिन्न संभ्रांत शिक्षक यूनियनों, ग्रामीण नागरिक कल्याण परिषदों तथा सामाजिक सरोकार अधिकार मंचों ने तपती धूप व ५० डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण लू के थपेड़ों के बीच कलेक्ट्रेट सांख्यिकीय मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से राष्ट्रीय कार्य पूर्ण करने के लिए प्रगणक तशरीफ़ अली व जावेद अली की पूरी टीम के इस कड़क और संवेदनशील सुशासनात्मक कदम की खुले दिल से सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक सुरक्षा एवं विकास समन्वय सेल ने पुनः संपूर्ण जागरूक जनपदवासियों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे शासन के इन राष्ट्रीय सर्वेक्षणों व कलेक्ट्रेट जनगणना प्रविष्टियों में नोडल अधिकारियों को हमेशा प्रामाणिक व सत्य डेटा ही प्रदान करें, क्योंकि आपका यही एक विलेखीय आंकड़ा भावी जनकल्याणकारी योजनाओं और अंत्योदय नीतियों के निर्माण की अभेद्य ढाल बनता है।
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