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सरोजनीनगर में “जल-जीवन एवं पक्षी संरक्षण अभियान” का शुभारंभ, 1000 स्थानों पर घड़े व जलपात्र होंगे स्थापित

 


ब्यूरो रिपोर्ट: शशांक मिश्रा

लखनऊ, 24 अप्रैल 2026। भीषण गर्मी के मद्देनज़र सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल शुरू की गई है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने माँ पीताम्बरा ट्रस्ट एवं Environment Warriors के सहयोग से “सरोजनीनगर जल-जीवन एवं पक्षी संरक्षण अभियान” का शुभारंभ किया। यह अभियान आशियाना स्थित विधायक कार्यालय से विधिवत रूप से प्रारंभ हुआ, जहां भाजपा पदाधिकारियों को पानी के घड़े और पक्षियों के लिए जलपात्र वितरित किए गए।

अभियान के तहत पूरे सरोजनीनगर क्षेत्र में 1000 स्थानों पर जरूरतमंद लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जाएगी, वहीं 1000 स्थानों पर पक्षियों के लिए मिट्टी के जलपात्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों और स्थानीय स्वयंसेवकों को 1000 घड़े एवं 1000 जलपात्र वितरित किए जा रहे हैं, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकें।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मई-जून की प्रचंड गर्मी में प्यासे राहगीरों, श्रमिकों, जरूरतमंदों और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना केवल सेवा का कार्य नहीं, बल्कि हमारी मानवीय और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान क्षेत्र में सेवा, संवेदना और पर्यावरण संरक्षण की भावना को और सशक्त करेगा।

उन्होंने लखनऊ में तेजी से गिरते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार शहर के कई इलाकों में पिछले 9–10 वर्षों में 10–12 मीटर तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं कुछ क्षेत्रों में भूजल स्तर 30 मीटर तक नीचे पहुंच चुका है। दीर्घकालिक अध्ययनों के अनुसार पिछले 15–20 वर्षों में कुल मिलाकर 20–30 मीटर तक की गिरावट देखी गई है, जो एक गंभीर संकेत है।

डॉ. सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, पार्कों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाएं, जिससे भूजल स्तर को स्थिर किया जा सके। साथ ही उन्होंने सोलर पैनल के उपयोग को बढ़ावा देने की भी बात कही, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरोजनीनगर केवल विकास ही नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और सतत भविष्य का भी आदर्श मॉडल बनेगा। यह अभियान न सिर्फ इंसानों और पक्षियों की प्यास बुझाने का कार्य करेगा, बल्कि जल संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति व्यापक जनजागरूकता भी पैदा करेगा।

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