गेहूँ विक्रय से पूर्व कृषक पंजीयन व दस्तावेजों का सत्यापन अनिवार्य


 स्टेट ब्यूरो हेड योगेन्द्र सिंह यादव उत्तरप्रदेश ✍🏻 

शाहजहाँपुर। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत जनपद शाहजहाँपुर के समस्त कृषक बन्धुओं को सूचित किया जाता है कि गेहूँ विक्रय से पूर्व ई-उपार्जन पोर्टल पर कराए गए कृषक पंजीयन का सत्यापन अनिवार्य है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राकेश मोहन पाण्डेय ने बताया कि कृषकों को अपने पंजीयन के कॉलम संख्या-10 (बेची जाने वाली फसल की कुल मात्रा) का सत्यापन कॉलम संख्या-12 (भूमि सत्यापन की स्थिति) एवं कॉलम संख्या-13 (खतौनी नाम सत्यापन की स्थिति) में एग्रीस्टैक एवं ई-पड़ताल पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित करना होगा। इसके उपरांत कॉलम संख्या-11 (रकबा (हे०) / Fit to Sell) में अंकित मात्रा के अनुसार ही गेहूँ का विक्रय किया जा सकेगा।

किसान किसी भी राजकीय क्रय केन्द्र पर गेहूँ विक्रय करते समय कृषक पंजीयन, कम्प्यूटराइज्ड खतौनी की सत्यापित प्रति, फोटोयुक्त आधार कार्ड अथवा नामिनी के आधार कार्ड की प्रति साथ लाना अनिवार्य होगा।

यदि किसान कॉलम संख्या-11 में अंकित मात्रा से अधिक गेहूँ बेचना चाहते हैं, तो उन्हें विक्रय से पूर्व खसरा की सत्यापित प्रति क्रय केन्द्र प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी। केन्द्र प्रभारी द्वारा खसरा में अंकित गेहूँ के बोये गये क्षेत्रफल के आधार पर, जनपद की उत्पादकता (53.60 कुंतल प्रति हेक्टेयर) के अधिकतम तीन गुना तक की मात्रा का सत्यापन कर क्रय किया जाएगा।

अतः समस्त कृषक बन्धुओं से अपील की जाती है कि गेहूँ विक्रय के समय सभी आवश्यक दस्तावेज अवश्य साथ लेकर जाएं, जिससे उनकी उपज का सत्यापन कर क्रय प्रक्रिया सुचारू रूप से पूर्ण की जा सके।


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