कच्ची दीवार गिरने से पक्का मकान क्षतिग्रस्त, लाखों के नुकसान का आरोप; पीड़ित ने अधिकारियों से लगाई न्याय की गुहार

 

संवाददाता लखनऊ ✍️

लखनऊ। माल थाना क्षेत्र के ग्राम सरथरा निवासी जाबिर पुत्र जमील अहमद ने कच्ची दीवार गिरने से अपने मकान और घरेलू सामान को हुए नुकसान के मामले में अधिकारियों से क्षतिपूर्ति दिलाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और उल्टे उसे गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

जाबिर के अनुसार, उसके मकान के बगल में संकरी गली के दूसरी ओर शफीक पुत्र करीम बख्श की कच्ची दीवार बनी हुई थी। उसका कहना है कि शफीक नया मकान बनाकर वहां रहने लगा था। जाबिर ने कई बार कथित तौर पर शफीक से पुरानी कच्ची दीवार हटाने को कहा था, क्योंकि उसे आशंका थी कि दीवार गिरने से उसके मकान को नुकसान हो सकता है।

पीड़ित के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 की रात करीब आठ बजे अचानक कच्ची दीवार गिर गई। दीवार के गिरने से उसके पक्के मकान के एक कमरे की दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। जाबिर का आरोप है कि कमरे में रखा बेड, चार कुर्सियां, सिंगारदान, अलमारी सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उसका दावा है कि घटना में करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उसने यह भी कहा कि हादसे के दौरान परिवार के लोग बाल-बाल बच गए।

पंचायत में समझौते का भी दावा

जाबिर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि 4 सितंबर को ग्राम प्रधान और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत हुई थी, जिसमें कथित तौर पर नुकसान की आधी भरपाई करने की बात पर सहमति बनी थी। हालांकि, बाद में शफीक द्वारा सहयोग से इनकार करने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि शफीक और सोनू पुत्र रफीक द्वारा उसके साथ गाली-गलौज की जा रही है तथा झगड़े और मारपीट की धमकी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई में भी दर्ज कराया मामला

मामले को लेकर जाबिर ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ उपजिलाधिकारी मलिहाबाद, आयुक्त लखनऊ मंडल और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत की है। उपलब्ध विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री जनसुनवाई संदर्भ संख्या 40015726128595 के तहत शिकायत को 7 सितंबर 2026 को थाना प्रभारी/प्रभारी निरीक्षक माल को अग्रसारित किया गया है। पोर्टल पर शिकायत की स्थिति लंबित दर्शाई गई है तथा निस्तारण की नियत तिथि 7 अक्टूबर 2026 अंकित है।

पीड़ित ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर हुए नुकसान का आकलन कराने, क्षतिपूर्ति दिलाने तथा धमकी और गाली-गलौज के आरोपों पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

नोट: शफीक या अन्य विपक्षी पक्ष का पक्ष उपलब्ध प्रार्थना पत्रों में नहीं है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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