मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान लोक-कल्याण और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया। श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित भव्य "जनता दर्शन" कार्यक्रम में सूबे के विभिन्न सुदूर क्षेत्रों से आए सैकड़ों नागरिकों की गंभीर समस्याओं को मुख्यमंत्री ने बेहद संवेदनशीलता के साथ खुद सुना। उन्होंने हर एक फरियादी के पास जाकर उनसे प्रार्थना-पत्र लिए और उनकी प्रशासनिक, आर्थिक व स्थानीय दिक्कतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण हेतु मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
📌 जनता दर्शन की मुख्य प्राथमिकताएं:
- 🔹 सीधा संवाद: मुख्यमंत्री ने एक-एक नागरिक की पीड़ा को बिना किसी औपचारिकता के सीधे सुना।
- 🔹 अधिकारियों की जवाबदेही: प्राप्त जनशिकायतों को तत्काल पोर्टल पर अपलोड कर समयबद्ध निस्तारण की चेतावनी।
- 🔹 आर्थिक व चिकित्सकीय मदद: गंभीर बीमारियों के इलाज और राजस्व संबंधी मामलों पर त्वरित पैरवी के निर्देश।
- 🔹 जीरो टॉलरेंस: जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले स्थानीय अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
"प्रशासन का यह परम दायित्व है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समस्या का समाधान पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो। पीड़ित की हर गुहार पर प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी होगी। जनता दर्शन में आए प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का निराकरण तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए।"
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के कोने-कोने से आए पीड़ितों, महिलाओं और बुजुर्गों में सरकार के प्रति अटूट विश्वास और न्याय की आस दिखाई दी। मुख्यमंत्री के सख्त रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के आला अधिकारियों ने शिकायतों पर तत्काल मौका मुआयना और त्वरित विधिक विधिक निस्तारण की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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