Breaking News

बलरामपुर: पंचायत सहायकों के मानदेय व स्थायीकरण हेतु पूर्व सांसद प्रत्याशी...

 

🏛️ पंचायती राज इंफोर्समेंट / कलेक्ट्रेट जनसुनवाई एवं मानदेय विलेख कमान
✍️ ब्यूरो चीफ: प्रमोद मिश्रा, बलरामपुर
📅 बलरामपुर | 2 जून, 2026
🌐 सच की आवाज वेब न्यूज — श्रमिक सुशासन विशेष: एडीएम ज्यूडिशियल शिव नारायण सिंह को मुख्यमंत्री संबोधित विलेख हस्तगत; १५ जून को लखनऊ ईको गार्डन में महा-धरने की वैधानिक चेतावनी

लरामपुर। उत्तर प्रदेश शासन की पंचायती राज सुदृढ़ीकरण नीति, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई चार्टर तथा श्रम विलेखों के अंतर्गत न्यूनतम मजदूरी मानकों के अनुपालन को लेकर सीमांत जनपद बलरामपुर में पंचायत सहायकों ने अपनी ज्वलंत विसंगतियों के विरुद्ध कड़ा विधिक मोर्चा खोल दिया है। डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण सचिवालयों की रीढ़ माने जाने वाले पंचायत सहायकों के समर्थन में आए श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद प्रत्याशी व प्रबुद्ध समाजसेवी **युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट** के कमान नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में एक वृहद प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष **दिनेश कुमार गुप्ता** की उपस्थिति में मुख्यमंत्री को संबोधित ५ सूत्रीय कड़क मांग विलेख अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) **श्री शिव नारायण सिंह** को ऑन-स्पॉट सुपुर्द किया गया।

🛑 ₹६००० मासिक मानदेय में भरण-पोषण असंभव; अनुबंध प्रणाली समाप्त करने की पुरजोर वकालत:

प्राप्त प्रामाणिक आधिकारिक विलेख प्रविष्टि के अनुसार, पंचायत सहायकों ने रेखांकित किया कि वे ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित के जटिल नोडल विलेखों का सतत निष्पादन कर रहे हैं। परंतु कलेक्ट्रेट मानकों के सर्वथा विपरीत उन्हें मात्र ₹६,००० प्रति माह का अत्यंत अल्प मानदेय प्राप्त हो रहा है, जो इस अभूतपूर्व महंगाई के कालखंड में बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा व भरण-पोषण हेतु सर्वथा अपर्याप्त है। पंचायत सहायकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में विलेखीय कस्टडी समाधान नहीं हुआ, तो आगामी **१५ जून २०२६** को लखनऊ के **ईको गार्डेन** में प्रदेश व्यापी शांतिपूर्ण कमान धरना दिया जाएगा।

📜 पंचायत सहायक यूनियन - ५ सूत्रीय विलेख मांग पत्र एवं कमान ग्रिड:
📊 वित्तीय संवर्धन एवं संविदा विसंगति शमन क्लॉज ⚙️ सेवा सुरक्षा, आरक्षण एवं चिकित्सा कस्टडी मांग विलेख
१. मानदेय संवर्धन रोस्टर: मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष **₹३०,००० प्रतिमाह** अथवा न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू हो।
२. अनुबंध रोस्टर अंत: वर्तमान अनुबंध (कांट्रैक्ट) विधा को समूल समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लॉक की जाए।
३. महिला समायोजन नीति: विवाह के उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु सुगम स्थानांतरण विलेख नीति लागू हो।
४. पदोन्नति आरक्षण क्लॉज: वीडीओ (VDO) / ग्राम पंचायत अधिकारी के रिक्त पदों की सीधी भर्ती प्रविष्टि में **५०% आरक्षण** पुष्ट हो।
५. चिकित्सा कवच विलेख: समस्त कार्यरत पंचायत सहायकों व उनके आश्रित परिवारों को **आयुष्मान भारत योजना** के कैशलेस प्रभाग से जोड़ा जाए।
🛡️ 'होनहार मेधावी युवाओं का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं'—प्रशासनिक गलियारों में गूंजी आवाज:

कलेक्ट्रेट मजिस्ट्रेट पटल के समक्ष उपस्थित जिले भर के पंचायत सहायकों के विशाल हुजूम को संबोधित करते हुए विधिक विशेषज्ञ युगल किशोर शुक्ल ने सरकार की संविदा नीति पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल इंडिया की समूची कमान इन मेधावी ग्रामीण युवाओं के कंधों पर टिकी है, परंतु बदले में उन्हें मिलने वाला पारिश्रमिक बंधुआ मजदूरी से भी बदतर विसंगति का शिकार है। जिला अध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने साफ किया कि कलेक्ट्रेट एडीएम के माध्यम से यह मांग पत्र सीधे शासन को प्रेषित कराया गया है, और हक की यह विलेखीय लड़ाई अब निर्णायक पटल पर लड़ी जाएगी।

बेरोजगारी के इस दौर में यह नौकरी 'सांप के गले में छछुंदर' के समान, विधिक संशोधन अनिवार्य

"वर्तमान बेरोजगारी के भयंकर आलम में पंचायत सहायक की यह नौकरी हमारे मेधावी युवाओं के लिए 'सांप के गले में छछुंदर' के समान हो गई है—न उगलते बनता है और न ही निगलते। कंप्यूटर और इंटरनेट प्रविष्टि के कड़े विलेखों को पूर्ण करने वाले इन होनहार युवाओं को मात्र ६ हजार रुपये देकर सरकार गंभीर आर्थिक विसंगति पैदा कर रही है। हम कलेक्ट्रेट न्यायिक पटल के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से पुरजोर विधिक अपील करते हैं कि इन डिजिटल प्रहलादों के श्रम का कस्टडी मूल्यांकन पारदर्शी ढंग से किया जाए और अनुबंध की शोषणकारी वैधानिक बेड़ियों को तोड़कर एक स्थायी सेवा नियमावली का सृजन तत्काल रिपोर्ट किया जाए।" — पूर्व सांसद प्रत्याशी (श्रावस्ती लोकसभा) व समाजसेवी, श्री युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट

बलरामपुर मुख्य कलेक्ट्रेट संभाग, एडीएम न्यायिक प्रशासनिक विंग, विकास भवन पंचायती राज प्रभाग, उतरौला व तुलसीपुर संपर्क मार्ग ग्रिड, श्रीदत्तगंज व हरैया सतघरवा ब्लॉक सर्किल्स, बौद्ध परिपथ सीमांत बेल्ट, कलेक्ट्रेट जनसुनवाई मंचों और जिला बार एसोसिएशन के सम्मानित प्रबुद्ध अधिवक्ताओं, संभ्रांत कर्मचारी यूनियनों, विभिन्न ब्लॉक तकनीकी संघों तथा सजग नागरिक कल्याण मंचों ने 'सच की आवाज वेब न्यूज' के माध्यम से संविदा कर्मियों के इस मार्मिक विलेख दर्द को पूरी निष्पक्षता व मुखरता से उठाने की खुले दिल से सराहना की है। कलेक्ट्रेट नागरिक अधिकार एवं कर्मचारी कल्याण समन्वय सेल ने पुनः संपूर्ण जागरूक जनपदवासियों व संविदा कर्मियों से वैधानिक व विनम्र अपील की है कि वे लोकतंत्र की मर्यादा के अनुकूल सुशासनात्मक ढंग से अपनी मांगें शासन पटल पर दर्ज कराते रहें। यदि आपके ब्लॉक, कंप्यूटर नोड्स, या ग्राम सचिवालयों के भीतर शासकीय बजट का गबन, तकनीकी प्रणालियों में कोई डिफाल्टर विसंगति, या उच्चाधिकारियों द्वारा जनसुनवाई बयानों की अमर्यादित अवहेलना परिलक्षित हो, तो मूकदर्शक न रहें; तत्काल इसकी प्रामाणिक डिजिटल सूचना जिला विकास अधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी पटल या सीधे मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल **'१०७६'** पर प्रेषित करें। आपकी समयबद्ध सजगता ही सुशासित बलरामपुर के संविदा अधिकारों की अभेद्य ढाल है।

🏷️ #PanchayatSahayakBalrampur #YugalKishoreShuklaAdvocate #DineshGuptaUnion #AdmJudicialBalrampur #PanchayatSahayakDemand2026 #EcoGardenDharnaAlert #ShravastiLoksabhaNews #MinimumWageUP #TransparentGovernance #SachKiAawaz
📈 उत्कृष्ट लोक सुशासन, पारदर्शी श्रम कीर्तिमान — व्यवस्थापकीय विसंगतियों का समूल विधिक अंत, ग्राम सचिवालयों का सतत भौतिक व डिजिटल सर्विलांस और प्रत्येक कर्मचारी के गरिमामय जीवन व सुरक्षित पारिश्रमिक अधिकारों के संरक्षण हेतु सदैव समर्पित 'सच की आवाज'।

"जनता के हक की आवाज, हर समय - सच की आवाज वेब न्यूज"

Post a Comment

0 Comments