स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहाँपुर, 11 अगस्त 2026। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ शहर के डॉ. सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने फीता काटकर तथा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वयं दवा खाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद महापौर एवं जिलाधिकारी ने बच्चों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
स्वस्थ बच्चे देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला: महापौर
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अर्चना वर्मा ने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। बच्चों के स्वस्थ एवं निरोगी रहने से उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है तथा वे शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे कमजोरी, थकान और भूख में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं तथा बच्चों की पढ़ाई और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
महापौर ने अभिभावकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक हों और अपने बच्चों के साथ-साथ परिवार एवं आसपास के लोगों को भी कृमिनाशक दवा का सेवन करने के लिए प्रेरित करें।
सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग पर डीएम ने दिया जोर
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया एवं एआई के सदुपयोग और एल्गोरिथम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं एल्बेंडाजॉल की दवा से संबंधित सही जानकारी प्राप्त की जाए तथा घर-परिवार और आसपास के लोगों को भी दवा खिलाने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का सकारात्मक एवं जनहित में उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
जिलाधिकारी ने बताया कि पेट के कीड़े बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। ये शरीर के जरूरी पोषक तत्वों का उपयोग करते हैं, जिससे बच्चों में एनीमिया एवं कुपोषण की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
जनपद में 16.88 लाख बच्चों-किशोरों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजॉल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि जनपद में 1 से 19 वर्ष तक की आयु के लगभग 16.88 लाख बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को 200 मिलीग्राम यानी आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को 400 मिलीग्राम यानी पूरी गोली खिलाई जानी है। छोटे बच्चों को गोली पीसकर खिलाई जाएगी, जबकि बड़े बच्चे एवं किशोर-किशोरियां गोली को चबाकर खाएंगे।
सीएमओ ने स्पष्ट किया कि एल्बेंडाजॉल की दवा खाली पेट नहीं खिलाई जानी चाहिए। बीमार बच्चों को भी दवा नहीं खिलाई जाएगी।
14 अगस्त को होगा मॉप-अप दिवस
सीएमओ ने बताया कि 11 अगस्त को किसी कारणवश जो बच्चे एल्बेंडाजॉल की दवा लेने से वंचित रह जाएंगे, उन्हें 14 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस के अवसर पर दवा खिलाई जाएगी।
बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजॉल की गोली सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त/निजी विद्यालयों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय न जाने वाले बच्चों को भी नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा खिलाई जाएगी।
कार्यक्रम में आरबीएसके नोडल डॉ. जफर, डीएचईआईओ अफरोज अहमद, संतोष कुमार, कॉलेज प्रबंधक राजेश शर्मा एवं प्रधानाचार्य श्रीमती राखी मिश्रा सहित विद्यालय का स्टाफ एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
