छात्रवृत्ति से वंचित पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा मौका, 1 सितंबर से शुरू होगी संशोधन एवं सत्यापन प्रक्रिया

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से छात्रवृत्ति से वंचित रह गए पात्र छात्र-छात्राओं के लिए राहत की खबर है। शासन स्तर से ऐसे विद्यार्थियों के आवेदनों को दोबारा सत्यापित कर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए संशोधित समय-सारिणी जारी की गई है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए है, जिनके आवेदन शिक्षण संस्थानों से अग्रसारित नहीं हो सके, पीएफएमएस से रिजेक्ट हुए अथवा तकनीकी/अन्य कारणों से योजना का लाभ नहीं मिल सका।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, शाहजहांपुर की ओर से जारी पत्र के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों द्वारा मास्टर डाटा तैयार करने की प्रक्रिया 1 से 7 सितंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसी द्वारा फीस आदि का सत्यापन 2 से 8 सितंबर तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा फीस आदि का सत्यापन 3 से 9 सितंबर तक किया जाएगा।

गलत अथवा त्रुटिपूर्ण आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर पर सही कराने के लिए 16 से 18 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। शिक्षण संस्थानों द्वारा सत्यापित एवं पात्र डेटा अग्रसारित करने तथा अपात्र छात्रों के आवेदन निरस्त करने की प्रक्रिया 17 से 19 सितंबर तक होगी। जनपदीय समिति द्वारा शुद्ध डेटा को लॉक करने की प्रक्रिया 17 से 25 सितंबर तक निर्धारित की गई है।

शासन की संशोधित समय-सारिणी के अनुसार इसके बाद एनआईसी द्वारा स्क्रूटिनी 20 से 22 सितंबर, जनपदीय स्तर पर संदिग्ध डेटा का परीक्षण एवं निर्णय 17 से 25 सितंबर, तथा राज्य स्तर पर डिजिटल सिग्नेचर से डेटा के आधार पर पीएफएमएस भुगतान की प्रक्रिया 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी।

शासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही लंबित एवं पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि वित्तीय वर्ष 2025-26 की छात्रवृत्ति (शैक्षणिक भत्ता एवं शुल्क प्रतिपूर्ति) का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

यह प्रक्रिया उन पात्र विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनका आवेदन विभिन्न तकनीकी अथवा अन्य कारणों से आगे नहीं बढ़ सका था। शासन के पत्र में शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालय/एफिलिएटिंग एजेंसियों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

छात्र-छात्राओं को सलाह है कि वे अपने शिक्षण संस्थान से संपर्क कर अपने आवेदन की स्थिति और आवश्यक सुधार/सत्यापन की जानकारी समय रहते प्राप्त कर लें।

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