स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
बिना पहचान-पत्र प्रवेश पर रोक, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स रहेंगे प्रतिबंधित
शाहजहांपुर, 29 अगस्त। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के तहत ईवीएम एवं वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) को लेकर जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एफएलसी के दौरान की जाने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना अधिकृत पहचान-पत्र अथवा पास के एफएलसी स्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश से पहले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के माध्यम से जांच की जाएगी तथा अधिकारियों, कर्मचारियों और इंजीनियरों की समुचित तलाशी के साथ प्रवेश-निकास का विवरण लॉगबुक में दर्ज किया जाएगा।
एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन, कैमरा, स्पाई पेन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे। इन्हें हॉल के बाहर निर्धारित स्थान पर जमा कराया जाएगा। केवल आयोग द्वारा अधिकृत नामित निर्वाचन अधिकारियों तथा बीईएल/ईसीआईएल इंजीनियरों को निर्धारित कार्य के लिए मोबाइल रखने की अनुमति होगी।
24 घंटे सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी
डीएम ने पुलिस विभाग को एफएलसी क्षेत्र की पूर्ण बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एफएलसी हॉल के लिए एकल प्रवेश-निकास मार्ग निर्धारित किया जाएगा। सशस्त्र पुलिस बल की न्यूनतम एक सेक्शन द्वारा 24 घंटे सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगर निगम को ईवीएम वेयरहाउस एवं परिसर में नियमित साफ-सफाई, पेयजल तथा महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी को चिकित्सकों की टीम, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में होगा मॉक पोल
एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) एवं एफएलसी सुपरवाइजर को आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप कार्य कराने के निर्देश दिए गए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित प्रारूप में दर्ज की जाएगी और इसकी सूचना प्रतिदिन संबंधित गूगल शीट पर अपडेट की जाएगी।
एफएलसी पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया जाएगा। रैंडम आधार पर मशीनों का चयन कर मॉक पोल कराया जाएगा और परिणाम का मिलान वीवीपैट से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। अधिकृत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मॉक पोल देखने के साथ अपनी इच्छा से मॉक पोल करने की अनुमति भी होगी।
एफएलसी एवं मॉक पोल के दौरान निकलने वाली वीवीपैट पेपर स्लिप का प्रतिदिन श्रेडिंग मशीन के माध्यम से निस्तारण कराया जाएगा।
अग्नि सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर भी जोर
डीएम ने एफएलसी हॉल में मेज, कुर्सी, पंखे, कूलर और प्रकाश सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीसीटीवी और लाइव वेबकास्टिंग के लिए वेब कैमरे लगाने को भी कहा गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी को पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर और फायर अलार्म की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सहायक नोडल ऑफिसर-ईवीएम को एक सहायक विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 सफाई कर्मचारियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। सफाई कर्मचारियों और ईवीएम मास्टर ट्रेनर्स को पहचान-पत्र जारी किए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा निर्धारित संख्या से अधिक मशीनों की एफएलसी न कराई जाए। FLC OK और FLC Rejected मशीनों की सूचना प्रतिदिन EMS पर अपडेट की जाएगी तथा केवल EMS पर दर्ज मशीन इंजीनियरों को ही एफएलसी की अनुमति होगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को एफएलसी से संबंधित बुकलेट का गहन अध्ययन करने के निर्देश देते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराई जाए।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


