ब्यूरो रिपोर्ट बाल किशन ✍️
उन्नाव। 31 आपराधिक मुकदमों में आरोपी बताए जा रहे सौरभ यादव की राजनीतिक गलियारों में सक्रियता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि सौरभ यादव को भाजपा के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के साथ कानपुर से लेकर लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश सचिवालय तक देखा गया है।
सौरभ यादव को लेकर यह भी दावा किया जा रहा है कि वह जनशक्ति ग्रुप के चेयरमैन एवं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव का करीबी रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में 31 मुकदमे दर्ज होने तथा हिस्ट्रीशीटर होने की बात कही जा रही है।
मंत्री के साथ तस्वीरों ने बढ़ाई चर्चा
सौरभ यादव की मंत्री राकेश सचान के साथ सामने आई तस्वीरों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। सवाल उठ रहा है कि यदि उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों और आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी है, तो वह सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली लोगों के साथ किस तरह सक्रिय है।
वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मंत्री राकेश सचान को सौरभ यादव के कथित आपराधिक इतिहास की जानकारी है? यदि जानकारी नहीं है तो संबंधित स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं है?
आपराधिक रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि जरूरी
हालांकि, सौरभ यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमों की वास्तविक संख्या, उसकी हिस्ट्रीशीटर स्थिति तथा मंत्री राकेश सचान से उसके संबंधों से जुड़े दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।
अब देखना होगा कि पुलिस एवं प्रशासन इस मामले में उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड की जांच कर स्थिति स्पष्ट करते हैं या नहीं।
