स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर डीएम सख्त, ई-रिक्शा में 6 से अधिक बच्चों पर रोक

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 12 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान सुरक्षा परिवहन समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित हुई। बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा, चालकों के सत्यापन, फिटनेस एवं परमिट तथा विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

ई-रिक्शा में 6 से अधिक बच्चे नहीं बैठेंगे

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालयों में संचालित ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को किसी भी स्थिति में न बैठाया जाए। ई-रिक्शा में 6 से अधिक बच्चे न बैठने पाएँ।

इसके लिए प्रत्येक विद्यालय के मुख्य गेट पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा जिम्मेदार कर्मचारी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए, जो बच्चों के वाहन में बैठते समय निर्धारित संख्या की निगरानी करेगा।

परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी समय-समय पर विद्यालयों के आसपास और प्रमुख मार्गों पर चेकिंग करने के निर्देश दिए गए।

बिना फिटनेस और परमिट वाले वाहनों पर कार्रवाई

डीएम ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि बच्चों को लाने-ले जाने के लिए केवल उन्हीं वाहनों का संचालन हो, जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र एवं परमिट उपलब्ध हो।

बिना फिटनेस अथवा वैध परमिट के संचालित वाहनों से बच्चों का परिवहन न किया जाए। ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

स्कूली वाहन चालकों का होगा नेत्र परीक्षण और चरित्र सत्यापन

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विद्यालयों में संचालित स्कूली वाहनों के चालकों का नेत्र परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चालक बच्चों की सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सत्यापन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

विद्यालय प्रबंधन को चालकों से संबंधित आवश्यक अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।

अभिभावकों को भी किया जाएगा जागरूक

डीएम ने अभिभावकों को स्कूली वाहनों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। इसके लिए पैम्फलेट तैयार कर विद्यालयों के माध्यम से वितरित करने के निर्देश दिए गए।

पैम्फलेट में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाने, वाहन की फिटनेस एवं परमिट की जांच तथा चालक के सत्यापन सहित बच्चों की सुरक्षित यात्रा से जुड़ी आवश्यक सावधानियों की जानकारी शामिल करने को कहा गया।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को स्कूली वाहनों की नियमित निगरानी करने और किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को देने के निर्देश दिए।

साथ ही परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी प्रवर्तन एवं निरीक्षण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

Previous Post Next Post