गौशालाओं और पशु चिकित्सा केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश

गौशालाओं में लापरवाही मिलने पर होगी कठोर कार्रवाई : जिलाधिकारी

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 12 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी विकासखंडों में संचालित पशु चिकित्सा केंद्रों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की स्थिति की ब्लॉकवार समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

पशु चिकित्सा केंद्रों का होगा स्थलीय निरीक्षण

जिलाधिकारी ने सभी पशु चिकित्सा केंद्रों की एक-एक कर समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक केंद्र का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने पशु चिकित्सा केंद्रों की बाउंड्रीवाल सहित परिसर के फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में पशु चिकित्सा अधिकारियों ने ब्लॉकवार उपचारित पशुओं की संख्या, बधियाकरण कार्यक्रम, कृत्रिम गर्भाधान एवं उससे उत्पन्न संतति की प्रगति की जानकारी दी। डीएम ने पिछले दो वर्षों के कृत्रिम गर्भाधान एवं उससे उत्पन्न संतति का विस्तृत डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

टीकाकरण और योजनाओं की भी हुई समीक्षा

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने गला घोंटू रोग की रोकथाम के लिए एचएस टीकाकरण, खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम के लिए एफएमडी टीकाकरण राउंड-8 की प्रगति तथा मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया।

गौशालाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने जनपद की गौशालाओं में रख-रखाव, साफ-सफाई, पशुओं की देखरेख, चारा-भूसा, पेयजल और सीसीटीवी कैमरों के संचालन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमित रूप से वृहद गौशालाओं के निरीक्षण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करते हुए पशुपालन विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रताप सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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