स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 12 अगस्त। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड (राजस्व), स्टाफ, वादों, चकबंदी, विशेष भूमि अध्याप्ति एवं आईजीआरएस कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आबकारी, स्टांप एवं निबंधन, वाणिज्य कर, परिवहन और विद्युत विभाग के लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
बड़े बकायेदारों से सख्ती से वसूली के निर्देश
जिलाधिकारी ने बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर आरसी के माध्यम से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विभाग का राजस्व लक्ष्य लंबित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने मकसूदापुर चीनी मिल की लंबित राजस्व वसूली के संबंध में तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई करते हुए राजस्व वसूली के निर्देश दिए।
खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और सैंपलिंग के निर्देश
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को खाद्य पदार्थों की नियमित जांच एवं सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कटे एवं सड़े-गले फलों की बिक्री पर रोक लगाई जाए।
खनन अधिकारी को प्रवर्तन कार्रवाई तेज करते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
लंबित राजस्व वादों के निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धारा 24 के लंबित प्रकरणों, पैमाइश की स्थिति तथा पैमाइश के बाद रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल किए जाने की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि धारा 24 के प्रकरण कन्फर्म होने के बाद भी वादी को कब्जे के लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए।
धारा 116 के मामलों में प्रारंभिक डिग्री, कुर्रे दाखिल होने तथा आदेश के अनुपालन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उत्तराधिकार और फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा
जिलाधिकारी ने उत्तराधिकार के मामलों में 1 जनवरी 2026 से निरस्त किए गए आवेदनों की जांच कराने के लिए उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा करते हुए तहसीलदारों को लेखपालों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
धारा 34 के मामलों में तीन महीने से अधिक और एक वर्ष से कम समय से लंबित पत्रावलियों पर समयबद्ध कार्रवाई करने को कहा गया।
लंबित वादों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने तहसील न्यायालयों में पंजीकृत धारा 24, 34, 67 एवं 38 के वादों की समीक्षा करते हुए सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी न्यायालय में 5 वर्ष, 3 वर्ष, 3 माह अथवा 45 दिनों से अधिक अवधि के वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहें।
सीएम डैशबोर्ड राजस्व में प्रथम स्थान बनाए रखने का लक्ष्य
जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम डैशबोर्ड राजस्व में जनपद के प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहने की स्थिति को आगे भी बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों से इसी तरह बेहतर कार्य करते हुए जनपद को लगातार प्रथम स्थान पर बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक मोहम्मद अवेश एवं नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
