रामगंगा में छोड़ा गया 74,322 क्यूसेक पानी, शाहजहाँपुर में बाढ़ को लेकर अलर्ट

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

अगले 3-4 दिनों में जलस्तर करीब 1.5 मीटर बढ़ने का अनुमान, तटीय गांवों में मुनादी के निर्देश

शाहजहाँपुर। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कार्यालय अधिशासी अभियंता, शारदा नहर खंड, शाहजहाँपुर के पत्र के आधार पर जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि बिजनौर स्थित खो बैराज से रामगंगा नदी में 74,322 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका प्रभाव बरेली के चौबारी घाट होते हुए शाहजहाँपुर के मुख्य रूप से परशुरामपुरी और कलान क्षेत्र में पड़ने की संभावना है।

पहाड़ी एवं कैचमेंट क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते आगामी 3 से 4 दिनों में रामगंगा नदी के जलस्तर में करीब 1.5 मीटर की वृद्धि का अनुमान जताया गया है। इसके अलावा गंगा, गर्रा और खन्नौत नदियों के जलस्तर में भी आंशिक बढ़ोतरी की संभावना है।

हालांकि प्रशासन के अनुसार जलस्तर अभी खतरे के निशान 137.300 मीटर से नीचे रहने का अनुमान है, लेकिन जन-धन की सुरक्षा को लेकर सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

तटीय गांवों में तत्काल मुनादी के निर्देश

प्रशासन ने रामगंगा, गंगा, गर्रा और खन्नौत नदियों के तटीय एवं निचले इलाकों में स्थित गांवों में तत्काल मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क करने को कहा है। लोगों से नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों के नजदीक नहीं जाने की अपील की गई है।

नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को अपने पशुधन, कृषि उपकरण और आवश्यक सामान को समय रहते सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी गई है।

24 घंटे सक्रिय रहेंगी बाढ़ चौकियां

सभी संबंधित बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और राजस्व कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर जलस्तर पर निगरानी रखने को कहा गया है।

संवेदनशील घाटों और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पर्याप्त नाव एवं नाविकों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट

संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं के साथ एंटी-वेनम, हैलोजन टैबलेट और प्राथमिक चिकित्सा किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को देने के निर्देश हैं। प्रशासन ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ क्षेत्र में मुस्तैद रहने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी है।

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