करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

 

ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️

सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते, साइबर ठगी की रकम का होता था लेनदेन

बलरामपुर। थाना पचपेड़वा पुलिस ने साइबर अपराध के हॉटस्पॉट और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को सरकारी योजनाओं और मनरेगा का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में करते थे।

मामले में 18 अगस्त 2026 को कौशल खान निवासी औरहवा, थाना पचपेड़वा ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, गांव के रहने वाले सलमान खान और अबु हमजा ने मनरेगा में काम दिलाने एवं मनरेगा कार्ड बनवाने का झांसा देकर आधार और पैन कार्ड ले लिए तथा एचडीएफसी बैंक में खाता खुलवाया।

बाद में शिकायतकर्ता को बैंक से जानकारी मिली कि उसके खाते पर साइबर ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज है और खाते में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन हुआ है। इसके बाद थाना पचपेड़वा में मु0अ0सं0 123/2026, धारा 318(4), 319(2), 317(2), 336 बीएनएस एवं धारा 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

ऐसे चलाते थे साइबर ठगी का नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सीधे-सादे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने अथवा मनरेगा का पैसा आने का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद एटीएम, पासबुक, चेकबुक और बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर अपने कब्जे में ले लेते थे। कई मामलों में अपने गिरोह के सदस्यों के मोबाइल नंबर भी खातों से लिंक कराए जाते थे।

आरोपियों पर लोगों के बैंक खातों और दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर उसके फॉलोअर्स और परिचितों को मैसेज भेजकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच दिया जाता था।

पीड़ितों को निवेश के लिए तैयार करने के बाद सरकारी योजनाओं के नाम पर खुलवाए गए म्यूल बैंक खातों में रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर उसका सेटलमेंट किया जाता था, जिससे ठगी की रकम के स्रोत को छिपाया जा सके।

7 बैंक खाते मिले, करीब एक करोड़ का लेनदेन

पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में आरोपियों के कब्जे से 7 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था। इन खातों के संबंध में देशभर में 15 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में इन बैंक खातों में बेहद कम समय के भीतर लगभग एक करोड़ रुपये का लेनदेन होना पाया गया है। इनमें से तीन बैंक खातों का विवरण बैंक से प्राप्त हो चुका है, जबकि अन्य खातों की जानकारी जुटाने की कार्रवाई जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलमान खान पुत्र नूर आलम और अबु हमजा पुत्र अब्दुल मोबीन के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। मामले में विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

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