🚨 नसीरपुर पंचायत में विकास कार्यों पर गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने जांच की उठाई मांग

 

ब्यूरो चीफ अमित गुप्ता सीतापुर ✍️ 

पंचायत सहायक से लेकर मनरेगा, हैंडपंप और सामुदायिक शौचालय तक में अनियमितताओं के आरोप

सकरन/सीतापुर। ग्राम पंचायत नसीरपुर में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप कुमार, सोनू, जाकिर अली, नीतू देवी, अमित कुमार, दिलीप और केशव राम सहित कई ग्रामीणों ने लिखित शिकायतों के माध्यम से पंचायत में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में पंचायत सहायक की उपस्थिति, सफाई व्यवस्था, हैंडपंपों की मरम्मत, स्वयं सहायता समूह, मनरेगा, सामुदायिक शौचालय, सोकपिट और अन्य विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी की गई है।

ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत के कुतुबापुर, नसीरपुर और अंदूपुर में सफाई व्यवस्था बदहाल है। नालियां चोक हैं और कई स्थानों पर जलभराव एवं कीचड़ की समस्या बनी हुई है। आरोप है कि सफाई के नाम पर भुगतान होने के बावजूद नियमित सफाई नहीं होती।

वहीं हैंडपंपों की रीबोर एवं मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये की निकासी का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं। कुछ ग्रामीणों ने मरम्मत के दौरान निकाले गए पाइप एवं अन्य सामान के उचित रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

मनरेगा और वित्त आयोग के कार्यों में भी फर्जी हाजिरी और मजदूरी भुगतान के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मास्टर रोल में दर्ज हैं जो कथित तौर पर गांव में मौजूद नहीं रहते और दूसरे शहरों में काम करते हैं।

सामुदायिक शौचालय को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से शौचालय बंद है, जबकि केयरटेकर के नाम पर भुगतान किए जाने का आरोप है। इसी तरह सोकपिट निर्माण की गुणवत्ता, सामग्री आपूर्ति और भुगतान को लेकर भी जांच की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने पंचायत में बने अंत्येष्टि स्थल, हाट बाजार और मिड डे मील शेड की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई निर्माण कार्य जर्जर हालत में हैं और मरम्मत के नाम पर दोबारा भुगतान किए जाने की जांच होनी चाहिए।

इसके अलावा ग्रामीणों ने पंचायत से जुड़े कार्यों में कथित रूप से करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने तथा प्रधान परिवार की संपत्ति में कथित बढ़ोतरी की भी जांच की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित ग्राम प्रधान अथवा जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

ग्रामीणों ने की जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और शासन से मांग की है कि पिछले पांच वर्षों के पंचायत कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखों की जांच कराई जाए। साथ ही पंचायत सहायक, मनरेगा मेट, केयरटेकर, हैंडपंप मरम्मत और सामग्री खरीद से जुड़े अभिलेखों की भी जांच कराने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में जांच नहीं हुई तो वे जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।

नोट: सच की आवाज वेब न्यूज इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष एवं प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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