ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️
बलरामपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा शुक्रवार को भाजपा कार्यालय अटल भवन, तुलसीपार्क, बलरामपुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभाजन के दौरान हुई पीड़ा, विस्थापन एवं जनहानि को स्मरण करते हुए विभाजन की त्रासदी से जुड़ी घटनाओं पर प्रकाश डाला गया। इसके बाद भाजपा कार्यालय से वीर विनय चौराहे तक मौन जुलूस निकाला गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश मंत्री शिवभूषण सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन लाखों लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने देश के विभाजन के समय असहनीय परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि इतिहास की इन घटनाओं को याद रखना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां विभाजन की त्रासदी को समझ सकें और देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता के प्रति अधिक सजग रहें।
भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र ने अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि विभाजन की विभीषिका को कभी भुलाया नहीं जा सकता। स्मृति दिवस के माध्यम से युवा पीढ़ी को देश के इतिहास के उस दौर की वास्तविकताओं से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में दिखाई गईं विभाजन की घटनाएं
भाजपा कार्यालय में विभाजन विभीषिका से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभाजन के समय की घटनाओं, विस्थापन और लोगों की पीड़ा से संबंधित चित्र एवं सामग्री प्रदर्शित की गई। जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, निर्वतमान विधायक शैलेष कुमार सिंह ‘शैलू’, चेयरमैन डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह, राकेश तिवारी, शक्ति सिंह, महिपाल चौधरी, श्याम मनोहर तिवारी, डॉ. हुकुम सिंह, सरदार प्रीति पाल सिंह, अनूप चन्द्र गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष बृजेन्द्र तिवारी, वरुण सिंह ‘मोनू’, वंदना पासवान, आद्या सिंह ‘पिंकी’, संजय शुक्ल, दयाराम प्रजापति, महामंत्री डॉ. अजय सिंह ‘पिंकू’, बिंदू विश्वकर्मा, महेन्द्र पाण्डेय, जन्मेजय सिंह, मंजू तिवारी, ललिता तिवारी, झूमा सिंह, नन्दनी शुक्ल, सरोज तिवारी, साधना पांडेय सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने विभाजन की विभीषिका में पीड़ित एवं विस्थापित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
