विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर शहीद उद्यान से गांधी भवन तक निकला मौन कैंडल मार्च

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 14 अगस्त 2026। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जनपद में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शहीद उद्यान पार्क से गांधी भवन तक मौन कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पंजाबी समाज के पदाधिकारियों एवं आमजन ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भारत विभाजन की त्रासदी में प्रभावित लोगों को नमन किया।

कैंडल मार्च का नेतृत्व वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने किया। उनके साथ राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया, जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डीपीएस राठौर, जिला अध्यक्ष केसी मिश्रा, विनीत कुमार मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग शामिल रहे।

गांधी भवन में लगाई गई चित्र प्रदर्शनी

गांधी भवन में विभाजन विभीषिका से संबंधित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जनप्रतिनिधियों एवं संभ्रांत नागरिकों के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ गांधी भवन सभागार में काकोरी एक्शन ट्रेन के नायकों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह एवं अशफाक उल्ला खां के चित्रों पर माल्यार्पण कर किया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत विभाजन की त्रासदी अत्यंत दुखद घटना थी। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उद्देश्य उस त्रासदी में पीड़ित लोगों के संघर्ष एवं वेदना को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से अवगत कराना है।

उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से हमें आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द एवं एकता बनाए रखने की सीख लेनी चाहिए। सभी को मिलकर देश को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करना चाहिए।

डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से दिखाई गई विभाजन की त्रासदी

कार्यक्रम के दौरान विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, मानवीय त्रासदी एवं लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा को प्रदर्शित किया गया।

राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ, लेकिन इससे पहले भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी ने लाखों परिवारों को गहरे दर्द से गुजरने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि विभाजन ने लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रभावित किया।

विभाजन की त्रासदी से जुड़े अनुभव साझा करते हुए किशन लाल छाबरा ने अपने पूर्वजों द्वारा झेले गए दर्दनाक दौर की यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर हम सभी को ऐसा वातावरण बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जिसमें आने वाली पीढ़ियां अमन-चैन और सौहार्द के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भारत विभाजन की त्रासदी में प्रभावित परिवारों के परिजनों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए मानवीय संवेदना, आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश देना रहा।

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