स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान के तहत स्लोगन लेखन प्रतियोगिता आयोजित

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश

शाहजहाँपुर, 1 अगस्त 2026। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित "नशा मुक्ति अभियान" के अंतर्गत स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के चित्रकला विभाग द्वारा विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने तथा स्वस्थ, सशक्त एवं नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत के निर्माण का जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, परिवार की खुशहाली तथा समाज की प्रगति का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशे के दुष्प्रभाव, स्वस्थ जीवनशैली, युवा शक्ति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर प्रभावशाली और प्रेरणादायक स्लोगन प्रस्तुत किए। निर्णायक मंडल ने स्लोगनों का मूल्यांकन उनकी मौलिकता, संदेश की प्रभावशीलता, भाषा-शैली एवं रचनात्मकता के आधार पर किया।

प्रतियोगिता में शीतल ने प्रथम, साक्षी श्रीवास्तव ने द्वितीय तथा रंजना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कला संकाय अध्यक्ष प्रो. आलोक मिश्र ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं जन-जागरूकता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। चित्रकला विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्चना गर्ग ने कहा कि विभाग भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश का प्रभावी प्रसार हो सके।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रमोद कुमार यादव द्वारा सभी विद्यार्थियों को "नशामुक्त भारत" के निर्माण का संकल्प दिलाकर किया गया।

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