ब्यूरो चीफ प्रमोद मिश्रा बलरामपुर ✍️
बच्चों से संवाद कर जांचा लर्निंग आउटकम, एमडीएम और मूलभूत सुविधाओं का भी लिया जायजा
बलरामपुर। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकासखंड बलरामपुर के कंपोजिट विद्यालय बलुआ बलुई का निरीक्षण कर विद्यालय में पठन-पाठन, शैक्षिक गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन, छात्र उपस्थिति, नवीन नामांकन एवं मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया और पाठ्यक्रम से संबंधित सवाल पूछकर उनकी शैक्षिक प्रगति एवं सीखने के स्तर को परखा। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई करने और मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
डीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन कर आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रभावी एवं रुचिकर शिक्षण गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की लर्निंग को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
एमडीएम की गुणवत्ता और स्वच्छता पर जोर
जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) की व्यवस्था एवं गुणवत्ता भी देखी। उन्होंने निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने हैंडवॉश की मरम्मत कराकर उसे सुचारु रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय परिसर और आसपास साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
नामांकन के साथ बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश
डीएम ने विद्यालय में नवीन नामांकन की प्रगति की जानकारी ली और नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी नामांकित बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से लगातार संवाद कर उन्हें बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
निष्प्रयोज्य आंगनबाड़ी भवन के ध्वस्तीकरण के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय से सटे आंगनबाड़ी केंद्र के निष्प्रयोज्य भवन का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भवन का नियमानुसार मूल्यांकन कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ नियमित छात्र उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, स्वच्छता और आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने तथा बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
