🚨 इलाज के दावों के बीच न्यू लीलामणि हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल, जांच की मांग


ब्यूरो रिपोर्ट सीमा मौर्या उन्नाव ✍️

कानपुर। सिविल लाइंस स्थित न्यू लीलामणि हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं और मरीजों से जुड़े कथित उपचार संबंधी आरोपों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल की वेबसाइट पर इसे 102 बेड का अस्पताल बताते हुए ICU, NICU, OT, डायलिसिस, फार्मेसी सहित विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया गया है।

हालांकि, अस्पताल भवन के नक्शे और उसके अस्पताल के रूप में उपयोग की अनुमति को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। सवाल उठ रहा है कि क्या भवन का नक्शा कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) से विधिवत स्वीकृत है और अस्पताल संचालन से संबंधित सभी आवश्यक अनुमतियां मौजूद हैं।

पार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर यह आरोप सामने आया है कि बड़े अस्पताल के बावजूद पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके चलते अस्पताल के आसपास वाहनों की भीड़ की स्थिति बन सकती है।

महंगी दवाएं मंगाने का भी आरोप

कुछ तीमारदारों द्वारा यह आरोप भी लगाया गया है कि इमरजेंसी में मरीज को भर्ती कराने के बाद महंगी दवाओं की लंबी सूची दी जाती है। आरोप है कि भर्ती के तुरंत बाद 20 से 25 हजार रुपये तक की दवाएं मंगाने का दबाव बनाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

स्वास्थ्य विभाग और KDA की जांच से साफ होगी स्थिति

अस्पताल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब स्वास्थ्य विभाग और KDA की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि भवन के नक्शे, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, चिकित्सा मानकों अथवा मरीजों से जुड़े आरोपों में कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर अस्पताल के खिलाफ लगाए गए आरोप आरोप मात्र हैं और उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं।

सबसे बड़ा सवाल यही है—मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालने वाले अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच आखिर कब होगी?

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