राजघाट पर स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम, स्वयंसेवकों ने दिया नागरिक कर्तव्य का संदेश

 


स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

सावन के पावन माह में गर्रा नदी घाट पर चला स्वच्छता अभियान, कचरा एवं प्लास्टिक किया एकत्र

शाहजहांपुर। जिला गंगा समिति, शाहजहांपुर के अंतर्गत गर्रा नदी पर निर्मित राजघाट पर स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रम के तहत छठवें कार्यक्रम का आयोजन स्वयंसेवी संगठन WORK, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नदी घाट की स्वच्छता बनाए रखने के साथ आमजन में नदियों एवं सार्वजनिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी और सिविक सेन्स (नागरिक बोध) की भावना विकसित करना रहा। सावन के पावन माह में आयोजित कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने राजघाट परिसर में श्रमदान करते हुए कचरा एवं प्लास्टिक आदि एकत्र किया।

इस दौरान लोगों को संदेश दिया गया कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ नदी और घाटों की स्वच्छता बनाए रखना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सरकारी बजट पर निर्भर नहीं अभियान

कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि यह स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान किसी सरकारी बजट अथवा सरकारी धनराशि पर निर्भर नहीं है। स्वयंसेवी संगठन WORK, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग और श्रमदान से यह अभियान नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है।

स्वयंसेवक अपने समय और श्रम का योगदान देकर नदी एवं घाट की स्वच्छता में भागीदारी निभा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार यह पहल समाज में ‘सरकार के साथ-साथ हमारी भी जिम्मेदारी’ की भावना को मजबूत करने का प्रेरणादायी उदाहरण है।

स्वच्छता के साथ नागरिक बोध पर जोर

जिला परियोजना अधिकारी डॉ. विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि नदियों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सिविक सेन्स का अर्थ है कि सार्वजनिक स्थानों, नदी-घाटों और पर्यावरण को अपना समझकर स्वच्छ रखा जाए तथा कचरा इधर-उधर न फेंका जाए।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी नागरिक जिम्मेदारी समझते हुए केवल अपना कचरा उचित स्थान पर डालने की आदत विकसित कर ले, तो स्वच्छता अभियान को व्यापक जनसहयोग मिल सकता है।

कार्यक्रम में राजू बग्गा, हिमांशु सक्सेना, मोहम्मद खालिद, नावेद, नितिन, रेहान सहित WORK संस्था, हरित सारथी के स्वयंसेवक, पर्यावरण प्रेमी एवं अन्य सहयोगी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी ने राजघाट की स्वच्छता एवं गर्रा नदी के संरक्षण के लिए नियमित रूप से श्रमदान और जनजागरूकता गतिविधियां जारी रखने का संकल्प लिया।

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