उन्नाव में मानकविहीन नर्सिंग होम का बढ़ता जाल, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल

 

ब्यूरो रिपोर्ट सीमा मौर्या उन्नाव ✍️

उन्नाव। गदनखेड़ा चौराहे से गांधीनगर तिराहे तक कई निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ अस्पतालों में निर्धारित मानकों और पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि महज करीब 3 हजार रुपये में एक पोर्शन किराए पर लेकर निजी अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे अस्पतालों में यदि पर्याप्त प्रशिक्षित चिकित्सक, आवश्यक सुविधाएं और निर्धारित मानक उपलब्ध न हों तो मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो सकती है।

आरोप है कि इलाज के दौरान कथित लापरवाही के मामलों के बाद कई बार धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी परिस्थितियां भी सामने आती हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

लाइफ लाइन मेडिकल सेंटर पर भी उठे सवाल

इसी क्रम में लाइफ लाइन मेडिकल सेंटर के संचालन को लेकर भी मानकों पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था और आवश्यक मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि संबंधित अस्पतालों के पास वैध पंजीकरण, आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ, भवन एवं अन्य निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

अब देखना होगा कि उन्नाव स्वास्थ्य विभाग ऐसे आरोपों पर जांच कर क्या कार्रवाई करता है और यदि कोई अस्पताल निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार क्या कदम उठाए जाते हैं।

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