स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
5 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों के प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों एवं फील्ड अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर राजस्व न्यायालयों, जनशिकायतों एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 5 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की जमीन, संपत्ति एवं अधिकारों से जुड़े मामलों में ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में समाप्त होनी चाहिए। साथ ही, धारा 33 के अविवादित वरासत मामलों का मिशन मोड में निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन एवं आईजीआरएस में प्राप्त शिकायतों के संतुष्टिपरक निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। गलत अथवा असंतोषजनक निस्तारण वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर संबंधित जिलों से 5 दिन के भीतर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए।
अपराधों में कमी, महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में कानून-व्यवस्था एवं अपराध की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई, जोन एवं रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस तथा माफियाओं के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
आगामी पर्वों को लेकर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी एवं अन्य पर्वों की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने मथुरा-वृंदावन में व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तथा श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तारों एवं उफनती नदियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने गो-तस्करी, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं एवं अन्य संवेदनशील मामलों में 24×7 अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
बाढ़ राहत कार्यों की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ एवं बाराबंकी में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा अस्पतालों में एंटी-वेनम एवं एंटी-रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
