जिला कारागार में ‘श्रम कानून एवं श्रमिक अधिकार’ पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर। माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाहजहाँपुर श्री धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाहजहाँपुर के तत्वावधान में “श्रम कानून एवं श्रमिक अधिकार” विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन जिला कारागार, शाहजहाँपुर में किया गया।

शिविर की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाहजहाँपुर श्रीमती अपेक्षा सिंह ने की। उन्होंने शिविर में श्रम कानून एवं श्रमिक अधिकारों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों और शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है।

सचिव ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में स्थापित लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADCS) एवं पैनल अधिवक्ताओं के माध्यम से श्रमिकों को मजदूरी न मिलने, शोषण अथवा किसी अन्य कानूनी विवाद की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक की समस्या का समाधान नहीं होता है तो वह नियमानुसार अपनी शिकायत श्रम न्यायालय में दर्ज करा सकता है।

श्रमिकों को उनके अधिकारों की दी जानकारी

लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ श्री दिनेश कुमार मिश्र ने श्रम कानूनों पर चर्चा करते हुए कहा कि श्रम करना आवश्यक है और प्रत्येक व्यक्ति को सकारात्मक कर्म करते हुए नकारात्मकता से दूर रहना चाहिए।

उन्होंने न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम एवं समान पारिश्रमिक अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक श्रमिक को उचित मजदूरी एवं सुरक्षित कार्य वातावरण प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है।

डिप्टी जेलर श्री सुभाष यादव ने जेल प्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

वहीं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के असिस्टेंट श्री विवेक शर्मा ने कहा कि श्रमिकों के श्रम का शोषण नहीं होना चाहिए और उन्हें उनके श्रम का पारिश्रमिक समय पर मिलना चाहिए। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत आजीविका के अधिकार सहित श्रम कानूनों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं निर्धारित कार्य घंटों का पालन सुनिश्चित करना नियोक्ता का दायित्व है। श्रमिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ उचित कानूनी माध्यम का सहारा लेना चाहिए।

इनकी रही मौजूदगी

कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक मोहम्मद अफजल द्वारा किया गया। अंत में जेल अधीक्षक श्री जे.पी. तिवारी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

शिविर में जेलर श्री आर.के. गौतम, पी.एल.वी. श्री अनिल कुमार एवं बंदीगण सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।

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