बलरामपुर: सरस्वती शिशु-विद्या मंदिर में 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' भावना पर संगोष्ठी, समाज में संस्कार युक्त शिक्षा पर जोर
**बलरामपुर।** संत रविदास जी की 650वीं जयंती एवं वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रविवार को स्थानीय सरस्वती शिशु-विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, रमना पार्क के सभागार में "राष्ट्रहित सर्वोपरि" भावना के साथ समाज में शिक्षा एवं संस्कार को बढ़ावा देने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना से हुआ। प्रधानाचार्य बृजेश नारायण सिंह ने अतिथियों का परिचय कराया। इसके पश्चात विद्यालय प्रबंधक डॉ. सतीश सिंह, अध्यक्षा डॉ. कौशल्या गुप्ता, उपाध्यक्ष हरिवंश सिंह एवं कोषाध्यक्ष राम गोपाल गुप्ता ने नवागत अतिथियों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
💬 अतिथियों के मुख्य विचार:
- **मुख्य अतिथि रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक):** उन्होंने कहा कि वर्तमान में समाज से विलुप्त हो रहे संस्कारों को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्या भारती संस्कारक्षम वातावरण में शिक्षा देने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है।
- **डा० जेपी पांडेय (प्राचार्य, एमएलके पीजी कॉलेज):** उन्होंने भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रति युवाओं व विद्यार्थियों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।
🏫 शामिल प्रमुख शैक्षणिक संस्थान:
ग्रेस पब्लिक स्कूल, एमडीके इ०का०, डीएवी इंटर कॉलेज, एमएलके पीजी कॉलेज, सुंदरदास रामलाल इंटर कॉलेज, एम्स पब्लिक स्कूल, डिवाइन पब्लिक स्कूल, एकता मांटेसरीज, बाल भारती इ०का०, सिटी मांटेसरी इ०का० तथा रामचरित मानस स्कूल सहित कई विद्यालयों के प्रबंधक व प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ आचार्य मदन मोहन त्रिपाठी ने किया तथा आचार्य जानकी शरण मिश्र ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में वंदे मातरम् के गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
