शादी समारोह में युवक को गोली मारने के मामले में आरोपी को 10 साल की सजा

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शाहजहांपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी, कोर्ट ने लगाया ₹50 हजार का अर्थदंड

शाहजहांपुर। जघन्य अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत शाहजहांपुर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। करीब 15 वर्ष पुराने गोलीकांड में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने दोषी अभियुक्त रामू तिवारी को 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।

पुलिस के अनुसार, 25 जून 2011 को एक विवाह समारोह के दौरान डीजे पर नाचते समय युवक पिन्टू के बाएं पैर में गोली मार दी गई थी। घटना के बाद समारोह में भगदड़ मच गई थी। घायल युवक को मौके पर मौजूद पवन सक्सेना और रमेश वर्मा द्वारा मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल पहुंचाया गया था।

घटना के संबंध में घायल के पिता लालाराम कश्यप की तहरीर पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 987/2011, धारा 307 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने भौतिक एवं चिकित्सकीय साक्ष्यों का संकलन करते हुए अभियुक्त रामू तिवारी पुत्र अवधेश, निवासी मोहल्ला हयातपुरा, रेलवे लाइन के पास, थाना कोतवाली, शाहजहांपुर का नाम प्रकाश में लाया।

पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 07 साक्षियों को न्यायालय के समक्ष परीक्षित कराया गया।

प्रभावी पैरवी से हुई दोषसिद्धि

अपर पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल अधिकारी मॉनीटरिंग सेल देवेन्द्र कुमार एवं क्षेत्राधिकारी सदर/पार्टी प्रभारी मॉनीटरिंग सेल शुभम वर्मा के पर्यवेक्षण में मॉनीटरिंग सेल, थाना सदर बाजार पुलिस तथा अभियोजन विभाग द्वारा मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई।

पुलिस टीम द्वारा संबंधित साक्ष्यों एवं गवाहों को समयबद्ध रूप से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया गया। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप माननीय एडीजे-43, शाहजहांपुर ने अभियुक्त रामू तिवारी को दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जारी रहेगी प्रभावी पैरवी

शाहजहांपुर पुलिस के अनुसार गंभीर एवं जघन्य अपराधों में अभियुक्तों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के साथ-साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर कठोर दंड दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस एवं अभियोजन विभाग के समन्वय से साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दोषियों को दंडित कराने पर जोर दिया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न करने के साथ आमजन में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास मजबूत करना है।

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