स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव, उत्तर प्रदेश ✍️
शाहजहांपुर, 22 सितंबर 2026। मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को अर्बन क्षेत्र के फाइलेरिया रोगियों के लिए मार्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसएबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फाइलेरिया रोग की रोकथाम, बचाव और बीमारी को बढ़ने से रोकने के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
सूजन वाले अंगों की साफ-सफाई पर जोर
कार्यशाला में रोगियों को बताया गया कि जिन अंगों में सूजन है, उन्हें साफ पानी से धोकर स्वच्छ रखें। इसके बाद साबुन का झाग बनाकर प्रभावित अंग पर ऊपर से नीचे की दिशा में लगाएं और पानी से साफ करें। साफ करने के बाद सूखे कपड़े से अंग को धीरे से सुखाएं और रगड़ने से बचें।
यदि किसी स्थान पर कट या घाव हो तो वहां चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटीबैक्टीरियल क्रीम का प्रयोग करने की जानकारी दी गई। इन देखभाल संबंधी उपायों को नियमित रूप से दिन में कम से कम दो बार, सुबह और शाम करने की सलाह दी गई।
व्यायाम के माध्यम से बीमारी को नियंत्रित रखने की जानकारी
कार्यशाला में रोगियों को संबंधित व्यायामों की जानकारी भी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नियमित साफ-सफाई और बताए गए व्यायामों के माध्यम से फाइलेरिया से प्रभावित अंगों की स्थिति को नियंत्रित रखने और बीमारी को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
कार्यशाला के दौरान रोगियों को फाइलेरिया से बचाव के लिए जनजागरूकता बढ़ाने की अपील भी की गई।
12 रोगियों को एमएमडीपी किट वितरित
कार्यशाला में कुल 12 फाइलेरिया रोगियों को एमएमडीपी किट वितरित की गईं। रोगियों से अपील की गई कि वे स्वयं सावधानी बरतने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी फाइलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करें और अभियान के दौरान पात्र/स्वस्थ व्यक्तियों को विभागीय निर्देशानुसार दवा सेवन के लिए प्रेरित करें, ताकि बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल सके।
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक, फाइलेरिया निरीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


