स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️
सर्विलांस सेल, एसओजी और साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त कार्रवाई से लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
शाहजहांपुर, 02 सितंबर। गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में शाहजहांपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सर्विलांस सेल, जनपदीय एसओजी और थानों पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क की संयुक्त पुलिस टीम ने 151 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/नगर के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। बरामद मोबाइल फोन को 02 सितंबर 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द किया गया।
मोबाइल फोन वापस मिलने पर आवेदकों एवं शिकायतकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए शाहजहांपुर पुलिस की सराहना की।
शिकायतों की सर्विलांस सेल कर रही थी निगरानी
पुलिस के अनुसार, गुम हुए मोबाइल फोन के संबंध में शिकायतकर्ता पुलिस अधीक्षक के समक्ष अथवा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराते हैं। इन शिकायतों की सर्विलांस सेल द्वारा लगातार निगरानी की जाती है और तकनीकी माध्यमों से मोबाइल फोन को ट्रेस करने का प्रयास किया जाता है।
CEIR पोर्टल से मोबाइल को करा सकते हैं ब्लॉक
शाहजहांपुर पुलिस ने नागरिकों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने की सलाह दी है।
इसके लिए “Block Stolen/Lost Mobile” विकल्प के माध्यम से IMEI नंबर, सिम विवरण एवं शिकायत संख्या दर्ज की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद “Unblock Found Mobile” विकल्प से उसे अनब्लॉक कराया जा सकता है।
पुलिस ने सलाह दी है कि मोबाइल गुम या चोरी होने के बाद संबंधित सिम को तत्काल बंद कराकर दोबारा जारी कराया जाए, ताकि उसके दुरुपयोग की संभावना कम हो। मोबाइल खरीदते समय उसका IMEI नंबर सुरक्षित रखने तथा मोबाइल गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने की अपील भी की गई है।
पुलिस की नागरिकों से अपील
शाहजहांपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में थाना पुलिस के साथ CEIR पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराएं, जिससे तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की तलाश और बरामदगी की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके।
पुलिस ने यह भी कहा कि किसी अनजान व्यक्ति या लिंक पर अपनी व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें।
बरामदगी करने वाली टीम
कार्रवाई में उपनिरीक्षक मोहन देव शर्मा, प्रभारी सर्विलांस सेल/एसओजी, कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार, प्रभात, मुकुल खोखर, सचिन कुमार, आकाश बाना सहित जनपदीय एसओजी टीम की भूमिका रही।
इसके अलावा जलालाबाद, सदर बाजार, कोतवाली, कलान, कटरा, रामचंद्र मिशन, पुवायां, खुदागंज, मिर्जापुर, निगोही एवं बंडा थानों की साइबर हेल्प डेस्क टीमों तथा अन्य थानों के कंप्यूटर ऑपरेटर/कर्मचारियों ने सहयोग किया।
