ब्यूरो रिपोर्ट प्रमोद मिश्रा
बलरामपुर। क्यूआर कोड की ऑनलाइन केवाईसी कराने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर हासिल कर फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाकर 2.20 लाख रुपये का लोन निकालने के मामले में गौरा चौराहा पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, 1,950 रुपये नकद तथा पीड़ित का आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम लिलवा थाना गौरा चौराहा निवासी अजीबुर्रहमान पुत्र अब्दुल मजीद ने थाना गौरा चौराहा में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि प्रदीप कुमार पाण्डेय पुत्र विनय कुमार पाण्डेय निवासी भगवानपुर लक्ष्मनपुर, थाना कोतवाली देहात, अपने साथी दुर्गेश पाठक और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ उसके घर पहुंचा। आरोपियों ने खुद को भारतपे का एजेंट बताते हुए क्यूआर कोड की ऑनलाइन केवाईसी करने की बात कही।
आरोप है कि आरोपियों ने इसी बहाने अजीबुर्रहमान का आधार कार्ड, पैन कार्ड और मोबाइल फोन ले लिया तथा फिनो पेमेंट बैंक में उसके नाम से खाता खुलवाकर 2 लाख 20 हजार रुपये का लोन निकाल लिया। इसके बाद मोबाइल फोन के माध्यम से पूरी धनराशि निकाल ली गई। मामले में थाना गौरा चौराहा पर मुकदमा अपराध संख्या 107/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी नगर अभिषेक सिंह के निकट पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष दुर्विजय सिंह के कुशल नेतृत्व में गौरा चौराहा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 13 सितंबर 2026 को नारायनपुर मझारी जाने वाली सड़क के मोड़ से अभियुक्त प्रदीप कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, 1,950 रुपये नकद, पीड़ित अजीबुर्रहमान का आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किया।
पूछताछ में अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि बरामद आधार कार्ड और पैन कार्ड ग्राम लिलवा निवासी अजीबुर्रहमान के हैं। उसके अनुसार, वह अपने साथियों संजीव मिश्रा और दुर्गेश पाठक, निवासी मथुरा बाजार, ललिया, बलरामपुर के साथ अजीबुर्रहमान के घर गया था। वहां क्यूआर कोड की केवाईसी कराने के बहाने फिनो पेमेंट बैंक में खाता खुलवाकर अजीबुर्रहमान के नाम पर 2 लाख 20 हजार रुपये का लोन कराया गया और मोबाइल फोन के जरिए पूरी रकम निकाल ली गई।
अभियुक्त के मुताबिक, रकम निकालने के बाद आधार कार्ड और पैन कार्ड अपने पास रख लिए गए थे। उसके हिस्से में साथियों द्वारा 20 हजार रुपये दिए गए थे, जिसे उसने अपनी जरूरतों में खर्च कर दिया। उसके पास अब केवल 1,950 रुपये बचे थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त प्रदीप कुमार पाण्डेय को पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है।
