लखनऊ क्राइम डायरी: घर के पास मिली खून से लथपथ लाश, मजदूर पर गया शक… फिर कॉल डिटेल ने खोला हत्या का राज

 


लखनऊ। महोना में वर्ष 2019 में कदीर खान उर्फ गुड्डू उर्फ कालिया की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। हत्या के बाद शुरुआती शक एक मजदूर विशाल पर गया, लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी ने नया मोड़ ले लिया।

कदीर अपने घर के पास स्थित एक अधबने मकान में था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। कुछ समय बाद उसका शव तख्त पर पड़ा मिला। परिवार की ओर से मजदूर विशाल पर शक जताया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था—अगर विशाल ही हत्यारा था, तो हत्या के पीछे की वजह क्या थी और घटना से जुड़े बाकी सुराग कहां थे?

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने मृतक के करीबियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू की। इसी दौरान कदीर की पत्नी शबनम और महोना निवासी शमीम के बीच हुई बातचीत पुलिस की जांच के केंद्र में आ गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों के बीच संबंध और हत्या की कथित साजिश से जुड़े तथ्य सामने आए। पुलिस का दावा था कि शबनम और शमीम ने मिलकर कदीर की हत्या की योजना बनाई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान मजदूर विशाल शराब लेने के लिए वहां से बाहर गया था। पुलिस का दावा था कि उसके जाने के बाद कदीर पर हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। विशाल के वापस आने तक घटनास्थल का मंजर बदल चुका था।

शुरुआत में जिस मजदूर पर शक किया जा रहा था, जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने उसे हत्या का मुख्य आरोपी नहीं माना। कॉल डिटेल ने जांच की दिशा बदल दी थी।

पुलिस ने शबनम और शमीम को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद किया गया। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात सामने आई।

इस मामले में सबसे दिलचस्प बात यही रही कि हत्या की जांच जिस शक से शुरू हुई थी, उसका रास्ता मोबाइल कॉल डिटेल तक पहुंचा और फिर पुलिस की जांच मृतक के ही करीबियों तक जा पहुंची।

यह कहानी उस समय की पुलिस कार्रवाई और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय द्वारा किया जाना होता है।

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