प्रभारी मंत्री ने बाढ़ प्रभावित ग्राम कसारी का किया निरीक्षण, ग्रामीणों को बांटी राहत राशन किट

 

बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने के निर्देश, जन-पशु एवं फसल हानि का सर्वे कर मुआवजा दिलाने को कहा

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहाँपुर, 14 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा शाहजहाँपुर के प्रभारी मंत्री श्री नरेंद्र कश्यप ने सोमवार को जलालाबाद विधायक श्री हरिप्रकाश वर्मा एवं जिलाधिकारी श्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह के साथ तहसील जलालाबाद क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम कसारी का निरीक्षण किया।

प्रभारी मंत्री ने गांव पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

संपर्क मार्ग की समस्या पर अधिकारियों को दिए निर्देश

निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने गांव में जलभराव और आवागमन की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग को लेकर अपनी समस्याएं बताईं।

इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को संपर्क मार्ग की दोनों ओर दीवारों के निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में बाढ़ के दौरान संपर्क मार्ग को क्षति से बचाया जा सके।

राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही न बरतने के निर्देश

प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। प्रभावित परिवारों को आवश्यकता के अनुसार खाद्य सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य जरूरी राहत सामग्री समय से उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जनहानि, पशुहानि एवं फसल क्षति का सर्वे कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के निर्देश भी दिए।

कसारी में बांध निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने प्रभारी मंत्री के समक्ष ग्राम कसारी को भविष्य में बाढ़ से बचाने के लिए बांध निर्माण की मांग रखी। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि बाढ़ की स्थिति समाप्त होने के बाद बांध निर्माण की कार्रवाई जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

कुछ ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण उनके घर रहने योग्य नहीं बचे हैं। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कोला विद्यालय में बांटी बाढ़ राहत राशन किट

इसके बाद प्रभारी मंत्री कोला स्थित विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत राशन किट वितरित की। मंत्री ने स्वयं ग्रामीणों को राहत सामग्री प्रदान की और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार और जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है तथा जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जलालाबाद के 19 गांव बाढ़ से प्रभावित

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने जनपद में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में तहसील जलालाबाद के 19 गांव प्रभावित हैं। प्रभावित क्षेत्रों में चार बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं और सभी संचालित हैं।

उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए 13 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।

98.5 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित

प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से कुल 98.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित दर्ज किया गया है। इसमें—

  • 72.6 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि
  • 25.9 हेक्टेयर बोया गया क्षेत्र
  • 9.3 हेक्टेयर कटान प्रभावित क्षेत्र

शामिल है। फसल क्षति का अनुमानित मूल्य करीब 9.2 लाख रुपये दर्ज किया गया है।

30 नाव और 10 मोटर बोट राहत कार्य में उपलब्ध

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन द्वारा 30 नावें और 10 मोटर बोट उपलब्ध कराई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, राहत सामग्री एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

1,688 लोगों का उपचार, 1,263 पशुओं का टीकाकरण

चिकित्सा व्यवस्था के तहत अब तक 1,688 लोगों का उपचार किया जा चुका है। वहीं पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 276 पशुओं का उपचार तथा 1,263 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।

प्रभावित परिवारों को अब तक राहत सामग्री के रूप में 330 खाद्यान्न पैकेट, 330 तिरपाल, 330 अन्य निर्धारित राहत सामग्री, 2,820 ORS पैकेट और 1,450 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं।

जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं। प्रशासन ने आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

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