लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन के साथ पढ़ाई करें विद्यार्थी : जिलाधिकारी

 

अभ्युदय योजना की निःशुल्क कोचिंग में छात्र-छात्राओं से संवाद कर डीएम ने बताए सफलता के मंत्र

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

शाहजहांपुर, 3 सितंबर। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को जीएफ कॉलेज में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित निःशुल्क कोचिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूपीएससी, यूपीपीसीएस, नीट एवं जेईई परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी तैयारी, समस्याओं और अध्ययन की रणनीति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन एवं निरंतरता के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या पढ़ना है और कब तक पढ़ना है। विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार टाइमटेबल तैयार करें और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी ईमानदारी से उसका पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतर मेहनत और धैर्य बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को लंबे समय तक गंभीरता और एकाग्रता के साथ अध्ययन करने की आदत विकसित करनी चाहिए।

समय प्रबंधन पर विशेष जोर

डीएम ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पहले एक माह का विस्तृत टाइमटेबल तैयार करें और पढ़ाई के दौरान समय का सदुपयोग करें। सोने और जागने का निश्चित समय भी निर्धारित करें, ताकि शरीर एवं मस्तिष्क को पर्याप्त आराम मिल सके और अध्ययन के दौरान एकाग्रता बनी रहे।

करेंट अफेयर्स को बनाएं तैयारी का हिस्सा

जिलाधिकारी ने कहा कि करेंट अफेयर्स प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय समाचार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। सप्ताह के प्रमुख समाचारों और घटनाक्रम को व्यवस्थित रूप से पढ़कर उनका विश्लेषण करने से कम समय में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की जा सकती है।

माइंड मैपिंग और डिटेल नोट्स बनाने की दी सलाह

डीएम ने नोट्स बनाने की उपयोगी तकनीक बताते हुए कहा कि विद्यार्थी दो प्रकार के नोट्स तैयार करें। पहले प्रकार में माइंड मैपिंग के माध्यम से विषय को संक्षिप्त एवं क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करें, जबकि दूसरे प्रकार में महत्वपूर्ण तथ्यों एवं अवधारणाओं के विस्तृत नोट्स तैयार करें।

उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज जैसी परीक्षाओं की तैयारी में केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लिखने की निरंतर आदत विकसित करना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से उत्तर लिखने का अभ्यास करना चाहिए और निर्धारित समय सीमा में प्रश्न हल करने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।

कक्षा से पहले अध्याय पढ़कर आने की सलाह

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से कहा कि कोचिंग में जिस अध्याय को पढ़ाया जाना हो, उसे पहले से पढ़कर आएं। इससे कक्षा में विषय को समझने और अपनी शंकाओं का समाधान कराने में आसानी होगी। उन्होंने सभी विषयों की समान रूप से और ईमानदारी से तैयारी करने पर जोर दिया।

असफलता से सीख लेकर आगे बढ़ें

विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन, धैर्य और सही रणनीति से हासिल होती है। असफलता को कमजोरी न मानें, बल्कि उससे सीख लेकर अपनी तैयारी को बेहतर बनाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को हमेशा सामने रखें, दूसरों से अपनी तुलना न करें और हर दिन स्वयं को कल से बेहतर बनाने का प्रयास करें। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो सफलता अवश्य प्राप्त होगी।

इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं की समस्याएं एवं जिज्ञासाएं भी सुनीं तथा उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कोचिंग के शिक्षक मौजूद रहे।

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