भ्रष्टाचार के मामले में परशुरामपुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार

 

स्टेट ब्यूरो हेड योगेंद्र सिंह यादव उत्तर प्रदेश ✍️

पुलिसकर्मियों के नाम पर कथित रिश्वतखोरी के मामले में सामने आया आपराधिक षड्यंत्र, आरोपियों के कब्जे से ₹14 हजार नकद व तीन मोबाइल बरामद

शाहजहांपुर। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में थाना परशुरामपुरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना क्षेत्र में दर्ज कथित रिश्वतखोरी के मामले की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को सुन्दरम क्षत्रिय पुत्र राजेश क्षत्रिय निवासी मोहल्ला कानूनगोयान, कस्बा व थाना परशुरामपुरी ने तहरीर दी थी। आरोप था कि 4 सितंबर को चार सिपाहियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे सरैया मोड़ से पकड़कर चौकी बिरियागंज, थाना तिलहर ले गए और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उससे तथा उसके परिजनों से कथित रूप से रिश्वत की मांग की।

तहरीर के आधार पर थाना परशुरामपुरी में मु0अ0सं0 430/2026 धारा 308(7), 127(7), 351(3) बीएनएस एवं 7/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार सिपाहियों और स्थानीय अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना में सामने आया कथित षड्यंत्र

पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सामने आया कि घटना से पहले अनमोल और एक अन्य वांछित आरोपी ने वादी के संबंध में सूचना उपलब्ध कराई तथा पुलिसकर्मी से संपर्क किया।

पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आयुष पाण्डे ने अपना मोबाइल फोन और कुछ धनराशि अपने मित्र सचिन कुमार राठौर को दी और वादी को फोन कराया। विवेचना के अनुसार, वादी आरोपियों की आवाज पहचानता था, इसलिए सचिन को फोन करने के लिए इस्तेमाल किया गया।

आरोप है कि वादी को सामान खरीदने के बहाने सरैया मोड़ बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, वादी के वहां पहुंचने पर अनमोल ने पुलिसकर्मियों को उसकी पहचान बताई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर चौकी बिरियागंज ले जाया।

पुलिस का दावा है कि चौकी पर वादी से उसके माता-पिता से पैसे लेकर आने के संबंध में फोन पर बात कराई गई। इसके बाद उसी रात उसके पिता, भाई और एक अन्य वांछित आरोपी पैसे लेकर चौकी पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहीं कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से रुपये का सौदा कराया गया और वादी को परिजनों के साथ छोड़ दिया गया।

तीन आरोपियों पर आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप

विवेचना में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अनमोल, आयुष पाण्डे और सचिन कुमार राठौर की कथित भूमिका आपराधिक षड्यंत्र में पाए जाने की बात कही है। इसके बाद मुकदमे में धारा 3(5), 317(2) बीएनएस तथा 7A/12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की बढ़ोतरी की गई और तीनों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

  • अनमोल पुत्र रामकिशन, निवासी मोहल्ला सुभाष नगर, थाना परशुरामपुरी।
  • आयुष पाण्डे पुत्र राकेश पाण्डे, निवासी मोहल्ला सुभाष नगर, थाना परशुरामपुरी।
  • सचिन कुमार राठौर पुत्र राजवीर राठौर, निवासी ग्राम सदुल्लागंज, थाना परशुरामपुरी।

₹14 हजार नकद और तीन मोबाइल बरामद

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से कुल ₹14,000 नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

  • अनमोल के पास से ₹4,600 नकद व एक की-पैड मोबाइल
  • सचिन कुमार राठौर के पास से ₹5,000 नकद व एक एंड्रॉयड मोबाइल
  • आयुष पाण्डे के पास से ₹4,400 नकद व एक एंड्रॉयड मोबाइल

पुलिस टीम

कार्रवाई करने वाली टीम में व0उ0नि0 सकतावत सिंह, उ0नि0 पवन कुमार, का0 आशीष, का0 संजय भाटी और का0 रोहन तोमर शामिल रहे।

नोट: पुलिस प्रेस नोट में लगाए गए आरोप विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के रूप में दिए गए हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

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