खाद, बाढ़ से फसल नुकसान, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और राशन कार्ड समेत कई समस्याएं उठाईं
ब्यूरो रिपोर्ट निर्मल यादव सीतापुर ✍️
बिसवां, सीतापुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक पंचायत बुधवार को तहसील परिसर बिसवां में आयोजित की गई। पंचायत के बाद किसान नेताओं ने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी बिसवां को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
ऑनलाइन खाद व्यवस्था बंद कराने की मांग
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की समस्याएं उठाईं। उन्होंने ऑनलाइन खाद व्यवस्था बंद कराने की मांग की।
ज्ञापन में सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग करते हुए कहा गया कि खाद आपूर्ति का समय समितियों के नोटिस बोर्ड पर दर्ज किया जाए। साथ ही किसानों द्वारा की गई खाद बुकिंग में किसी प्रकार की कटौती न किए जाने की मांग रखी गई।
बाढ़ और जलभराव से प्रभावित किसानों के मुआवजे की मांग
किसान नेताओं ने बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में धान की फसल खराब होने का मुद्दा भी उठाया। संगठन ने राजस्व विभाग से प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
सड़क और निर्माण कार्यों के मुद्दे उठाए
ज्ञापन में क्षेत्र की सड़कों एवं निर्माण कार्यों से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा गया।
किसानों ने बाछेपुर गांव से यादवपुरवा मार्ग पर जलभराव की समस्या दूर कराने तथा ग्राम त्यौंला मजरा पुरवा में इंटरलॉकिंग कार्य कराने की मांग की। वहीं देवकलीया मजरा कटयापुरवा में अधूरी पड़ी सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग भी उठाई गई।
स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग
भाकियू ने बिसवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की व्यवस्थाओं का मुद्दा उठाते हुए अधीक्षक के लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात होने का आरोप लगाया और शासन के नियमों के अनुसार स्थानांतरण अथवा व्यवस्था में सुधार की मांग की।
इसके साथ ही साण्डा पावर हाउस से रात में होने वाली बिजली रोस्टिंग बंद कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
राशन कार्ड और मनरेगा भुगतान का मुद्दा
किसान नेताओं ने राशन कार्ड में यूनिट बढ़ाने के नाम पर कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की। बाछेपुर प्राथमिक विद्यालय में शौचालय और बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराने तथा मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान का जल्द निस्तारण करने की मांग भी रखी गई।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाकियू के जिला मीडिया प्रभारी शुभम रस्तोगी ने कार्यकर्ताओं और किसानों को संबोधित करते हुए संगठन की ओर से किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने की बात कही।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन बिसवां तहसील में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
ये पदाधिकारी और किसान रहे मौजूद
इस दौरान तहसील अध्यक्ष शिवराज सिंह पटेल, प्रमोद कुमार वर्मा, सुशील राज, अहमद रज़ा, राममिलन यादव, कपिल वर्मा, अफसर नेता और आशाराम भारती समेत संगठन के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


